‘आपको पूड़ी खिलाई, पापा को सफाईकर्मी बना दिया’, अखिलेश के सामने दलित बेटी का छलका दर्द

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‘आपको पूड़ी खिलाई, पापा को सफाईकर्मी बना दिया’, अखिलेश के सामने दलित बेटी का छलका दर्द


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Akhilesh Yadav Poodi Case: बीते महीने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती थी. इस मौके पर समाजवादी पार्टी के मुखिया उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चल रहे एक भंडारे में पूड़ी खाते दिखे थे. अब इस भंडारे का आयोजन करने वाले शख्स और उनकी बेटी अंजलि मैसी अब चर्चा का केंद्र बन गई हैं. आइए जानते हैं सबकुछ.

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पूड़ी खिलाने वाली अंजलि का अखिलेश के सामने छलका दर्द.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में लगातार भाजपा बनाम सपा की राजनीति जारी है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. अब एक दलित युवती ने बड़ा आरोप लगाया है. वह बुधवार को सपा मुख्यालय पहुंचीं. इस दौरान सपा मुखिया प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. तभी बीच में युवती ने भावुक होते हुए कहा कि सर मैं भाजपा की धांधली दिखाना चाहती हूं. नौकरी की बात नहीं है… आपके लिए 100 नौकरियां ऐसी कुर्बान हैं. हमने आपको पूड़ी खिलाई थी. इसलिए मेरे पिता का डिमोशन कर दिया गया. इस पर सपा मुखिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने इस लड़की के भंडारे में पूड़ी खा ली थी, इसीलिए उन्हें परेशान किया जा रहा है.

यह है मामला
मामला बीते महीने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती का है. अंजलि मैसी ने 14 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर भंडारे का आयोजन किया था. इसी दिन बैसाखी पर्व पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सदर गुरुद्वारा माथा टेकने गए थे. गुरुद्वारा से निकलते समय अंजलि ने अखिलेश यादव से भंडारे का प्रसाद खाने का आग्रह किया था. गाड़ी से उतकर अखिलेश ने प्रसाद के रूप में सब्जी-पूड़ी खाई थी. इसका वीडियो सामने आया था. अंजलि ने सपा मुखिया का आभार जताया था और कहा था कि आप आए हमें बहुत अच्छा लगा, क्योंकि आप हमारे सर्वश्रेष्ठ नेता हैं. हम आपको ही वोट देते हैं. हम चाहते हैं कि आपकी ही सरकार आए और हम सबका विकास हो. इस पर अखिलेश ने भी धन्यवाद जताया था.

क्या बोलीं अंजली?
अंजलि लखनऊ की रहने वाली हैं. उन्होंने अंग्रेजी में एमए किया है. वर्तमान में एक निजी स्कूल में टीचर हैं. वहीं, उनके पिता उमेश कुमार छावनी परिषद (कैंटोनमेंट बोर्ड) में हैं. आरोप है कि उनके पिता वहां सुपरवाइजर थे. लेकिन अखिलेश यादव को पूड़ी खिलाने के अगले ही दिन उन्हें बिना किसी कारण के डिमोट कर सफाई कर्मचारी बना दिया गया. उन्होंने कहा कि मैं एक बात कहना चाहती हूं कि मैं आपको बीजेपी की धांधलीगर्दी दिखाना चाहती हूं. आपके ऊपर ऐसी 100 नौकरियां कुर्बान हैं. मैं यह बोलना चाहती हूं. मुझे नौकरी की कोई वह नहीं है, मेरे पिताजी ने भी मुझे यही संदेश आपको देने को कहा है कि आपके ऊपर ऐसी 100 नौकरियां कुर्बान हैं.’ इस पर अखिलेश यादव ने तुरंत कहा कि वह अधिकारियों से इसके बारे में बात करेंगे.

इस पर अखिलेश यादव ने दिया ये जवाब
वहीं, अखिलेश यादव ने एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, पीडीए समाज की एक महिला के पिता को, पुरुषवादी बीजेपी सरकार सिर्फ़ इसलिए प्रताड़ित कर रही है क्योंकि हमने ‘बाबासाहेब जी की जयंती’ पर अपनी उस छोटी बहन के यहां पूड़ी खा ली थी. इतनी निकृष्ट राजनीति तो उन अंग्रेजों ने भी नहीं की थी, जिनके लिए बीजेपी के वज़ीफ़ाजीवी वैचारिक पूर्वज संगी-साथी मुख़बिरी करते थे. इससे पहले भी हमारे चाय पीने की वजह से एक आत्मनिर्भर पीडीए चायवाले युवा को बीजेपी सरकार ने प्रताड़ित किया था. बीजेपी पीडीए विरोधी है और हमेशा रहेगी.





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