इस्लाम में हर गुनाह की मिल जाती है माफी, बस करना होता है यह काम, जानिए क्या कहते हैं मौलाना?
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Aligarh News: अलीगढ़ के मौलाना इफराहीम चौधरी ने बताया कि इस्लाम में सच्ची तौबा और इंसाफ के साथ हर गुनाह की माफी है, अल्लाह रहम और माफी देने वाला है.
वसीम अहमद /अलीगढ़. कहा जाता है कि इस्लाम के मानने वाले लोग अगर ऐसे काम करते हैं, जिसकी इस्लाम मे सख्त मनाही है या हराम है, तो ऐसे गुनाह की माफ़ी नहीं होती. ऐसे गुनाह करने वाले को हमेशा के लिए दोज़क मे रहना पड़ता है. क्या वाकई में यह सच है? या ऐसे गुनाहो की माफ़ी है? इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए लोकल 18 की टीम ने मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना इफराहीम से खास बातचीत की.
अलीगढ़ के मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना इफराहीम चौधरी ने कहा कि इस्लाम बड़ा लचीला मजहब है और इसमें तशद्दुद नहीं है. अल्लाह की जात बहुत बड़ी है, वह माफ़ करने वाली और रहम करने वाली है. गुनाह सगीरा हो या कबीरा. अगर इंसान तौबा कर ले. अल्लाह से माफी मांग ले और आइंदा गुनाह न करने का पक्का इरादा कर ले तो अल्लाह तआला हर गुनाह माफ़ कर देता है. मौलाना ने कहा कि छोटे गुनाह दुआओं और नेक आमाल से माफ हो जाते हैं. जबकि बड़े गुनाह तौबा के साथ माफ़ होते हैं. लेकिन शर्त यह है कि इंसान अल्लाह को सुप्रीम पावर मानते हुए सच्चे दिल से तौबा करे और जिन हुक़ूक़ुल इबाद में कोताही हुई है उन्हें पूरा करे.
मौलाना ने बताया कि जहन्नुम में वही लोग जाएंगे, जो तौबा नहीं करेंगे अपने गुनाहों पर अड़े रहेंगे. अल्लाह की खुदाई का इनकार करेंगे, तकब्बुर करेंगे और इंसानों पर ज़ुल्म करेंगे. ऐसे लोग बेशक जहन्नुम में जाएंगे. अगर किसी का माल छीना हो, हक़ मारा हो और बाद में इंसाफ करके अदा कर दिया तो अल्लाह तआला माफ़ कर देगा. एक लाइन में कहा जाए तो हर गुनाह की माफी है, लेकिन सच्ची तौबा और इंसाफ के साथ.
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस…और पढ़ें
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस… और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.