इस खास विधि से करें आलू में सिंचाई… आधे पानी में 2 गुना बढ़ जाएगा साइज! सरकार भी देगी पैसे
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Potato Farming Tips : आलू में 80% तक पानी पाया जाता है, आलू की फसल उगाने के लिए किसानों को काफी ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है. अगर किसान स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई करें तो पानी की बचत होगी. आलू की गुणवत्ता भी …और पढ़ें
सितंबर महीने में शाहजहांपुर में आलू की अगेती फसल की बुवाई की जाती है. जिले में करीब 15 हजार हेक्टेयर आलू की फसल की खेती किसान करते हैं. आलू की फसल कम दिनों में किसानों को मोटा मुनाफा देती है. लेकिन अगर आलू की फसल में सिंचाई को लेकर किसान वैज्ञानिक विधि अपनाएं तो उत्पादन में बड़ा इजाफा कर सकते हैं. इसके अलावा पानी की भी बचत होगी. खास बात यह है कि सरकार किसानों को वैज्ञानिक विधि से सिंचाई करने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही है.
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि जिले में बड़े पैमाने किसान आलू की फसल उगाते हैं. आलू की बेहतर गुणवत्ता पाने के लिए किसानों को सिंचाई का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए. आलू में पानी की काफी ज्यादा खपत होती है, क्योंकि आलू में 80% तक पानी होता है. अगर ड्रिप या मिनी स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई करें तो पानी की तो बचत होगी ही, साथ ही आलू की गुणवत्ता बेहतर होगी.
50 प्रतिशत तक होगी बचत
आलू की फसल से अच्छा उत्पादन लेने के लिए किसान पारंपरिक तरीके से सिंचाई करने की बजाय मिनी स्प्रिंकलर या ड्रिप से सिंचाई करें. मिनी स्प्रिंकलर या ड्रिप विधि से सिंचाई करने से 50% तक पानी की बचत होगी. इतना ही नहीं मिनी स्प्रिंकलर से सिंचाई करने से आलू का साइज बड़ा होगा, अच्छी गुणवत्ता वाला आलू पैदा होगा. आलू में मिट्टी नहीं चिपकती, जिसकी वजह से बाजार में अच्छा भाव मिलेगा. खास बात यह है कि मिनी स्प्रिंकलर से सिंचाई करने से 10 से 15% तक उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी.