किसानों के लिए सुनहरा मौका! रागी के इन किस्मों की करें खेती, कम लागत में होगी सेहत वाली खेती

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किसानों के लिए सुनहरा मौका! रागी के इन किस्मों की करें खेती, कम लागत में होगी सेहत वाली खेती


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Cultivation of Ragi: आज के समय में किसान मोटे अनाजों की खेती कर कम लागत कम मेहनत में अच्छी पैदावार लेना चाहते हैं तो उन्हें रागी की उन किस्मो का चयन करना बेहद जरूरी जो अच्छा मुनाफा देकर के जाए. रागी एक ऐसी फशल है. जिसकी डिमांड हमेशा रहती है. यह काफी महंगी बिकती है. इसकी खेती करके किसान लाखो रुपये मुनाफा कमा सकते है.

रागी एक ऐसी फसल है जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है. इसकी उन्नत किस्मों की खेती कर किसान अच्छी आमदनी कमा सकते हैं. यह फसल न केवल पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी खेती में लागत भी कम आती है. रागी की खेती से किसानों को दोहरा फायदा मिलता है. एक तरफ वे कम संसाधनों में अच्छी पैदावार ले सकते हैं. दूसरी तरफ बाजार में बढ़ती मांग के कारण उन्हें अच्छे दाम भी मिल रहे हैं. रागी की फसल सूखा प्रतिरोधी होने के साथ-साथ कम देखभाल में भी तैयार हो जाती है. इसकी खेती करने वाले किसानों को फसल बीमा का लाभ भी मिल सकता है. किसान अपनी जमीन और जलवायु के अनुसार रागी की उपयुक्त किस्म चुनकर खेती कर सकते हैं.

रागी

जिला कृषि अधिकारी राजितराम ने लोकल 18 से बातचीत में बताया रागी की खेती हमारे देश में बहुत पहले से की जाती रही है. पर इधर कुछ सालों में इसकी खेती में कमी आई है. पर इधर कुछ किसान इसकी खेती करने के लिए आगे आ रहे हैं, क्योंकि इसकी खेती से किसानों को अधिक मुनाफा भी होता है. किसान इसकी खेती करना चाहते हैं तो इसकी कुछ उन्नत किस्मों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है.

रागी

रागी ML-365 ये किस्म कम समय में ज्यादा पैदावार देने वाली किस्म है. इसकी खासियत है कि सूखे इलाकों में भी करीब 10 क्विंटल तक पैदावार देती है. जबकि सामान्य स्थिति में इसकी प्रति हेक्टेयर फसल से किसानों को लगभग 12 से 14 क्विंटल तक पैदावार मिल सकती है. बता दें कि, रागी की ये किस्म बुवाई के करीब 105 दिन बाद पककर तैयार हो जाती है.

रागी

बीएल 124 – बीएल 124 किस्म रागी की एक बेहतर किस्म है. ये किस्म 95 से 100 दिन में तैयार होने वाली अगेती किस्म है. इसकी उपज क्षमता 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ है. यह किस्म पहाड़ी राज्यों और उत्तर प्रदेश के लिए बेहतर मानी जाती है. किसान इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

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बीएल-376- बीएल रागी (मडुआ) 376 किस्म रागी की एक उत्तम किस्म है. इसकी उपज क्षमता 12 क्विंटल प्रति एकड़ है. इसकी फसल 103 से 109 दिन में तैयार हो जाती है. इस किस्म की खेती देश के सभी हिस्सों में की जा सकती है. इसलिए किसान मॉनसून में इस किस्म की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.

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बीएल रागी 146- बीएल रागी 146 किस्म अगेती की सबसे अच्छी किस्म है. इसकी उपज क्षमता 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है. वहीं इसकी फसल 95 से 100 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है. इस किस्म की खेती उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के लिए उपयुक्त माना जाता है.

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पंत रागी-3 यह किस्म 95-100 दिनों में तैयार होने वाली फसल है। पौधे की ऊंचाई 80-85 सें. मी. होती है। यह प्रजाति ब्लास्टरोधक है। इसकी बालियां मुड़ी हुईं और दाने हल्के भूरे रंग के होते हैं। यह किस्म गेहूं फसलचक्र के लिए भी उपयुक्त है।

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रागी के इन किस्मों की करें खेती, कम लागत में होगी सेहत वाली खेती



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