जो मुलायम को मानता था देवता… अखिलेश को बता रहा ‘फ्रॉड’ ! जानें PDA वाले मोहम्मद अली की ये कहानी

0
जो मुलायम को मानता था  देवता… अखिलेश को बता रहा ‘फ्रॉड’ ! जानें PDA वाले मोहम्मद अली की ये कहानी


Last Updated:

Akhilesh Yadav News : सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को देवता मानने वाला उनका पुराने समय का रसोइया और पानी पिलाने वाला अब अखिलेश यादव से नाराज़ हो गया है. वह गीतों के जरिए के अपनी नाराज़गी और बगावत की पूरी कहानी…और पढ़ें

सुल्तानपुर : “निशान लेकर साइकिल का यह मुलायम आए हैं,इन्हीं के बेटे अखिलेश यादव फ्रॉड निकले, धोखा देकर जनता को कैसे बहलाएं हैं.” यह दर्द है है कभी मुलायम सिंह के खास रहे पीडीए समुदाय से आने वाले मोहम्मद अली का जो अब कविता की शक्ल में बाहर आया है. मुलायम सिंह यादव के यहां लगभग 15 साल तक खाना बनाने और पानी पिलाने वाला सुल्तानपुर का युवक मोहम्मद अली, जो कभी मुलायम का चहेता हुआ करता था, आज उन्हीं के बेटे अखिलेश यादव को फ्रॉड बता रहा है. दरअसल, यह पूरा मामला सैफई महोत्सव से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक दुर्घटना में तीन मजदूर घायल हो गए थे, जिनमें मोहम्मद अली भी शामिल था. उस दौरान अखिलेश ने मोहम्मद अली को बाहर निकाल दिया और उसके पैसे भी नहीं दिए. अपने पैसों के लिए आज मोहम्मद अली कई बार अखिलेश यादव के पास गया, लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला. आइए जानते हैं आखिर क्या है यह पूरा माजरा?

सुल्तानपुर जिले के सुरौली गांव के रहने वाले मोहम्मद अली 90 के दशक में किशोरावस्था में लखनऊ चले गए थे. वहां मोटर मैकेनिक का काम करने के साथ-साथ वे गाने भी गाया करते थे. उनकी आवाज़ ने सपा के वरिष्ठ नेता बेनी प्रसाद वर्मा का ध्यान खींचा, जिन्होंने उन्हें तत्कालीन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मिलवा दिया.मुलायम सिंह ने अली को अपने आवास पर रखवाया और छोटे-मोटे काम देने लगे. 2003 में मुलायम सिंह तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो 2004 में अली को सचिवालय में अस्थाई इंट्री ऑपरेटर की नौकरी मिल गई. इसी साल दिसंबर में सैफई महोत्सव की तैयारी में उन्हें भी ड्यूटी पर भेजा गया.

हादसा जिसने बदल दिया जीवन
सैफई महोत्सव की तैयारियों के दौरान अली और उनके साथी होर्डिंग लगा रहे थे, तभी लोहे का फ्रेम ऊपर से गुजर रही बिजली की तार से टकरा गया. करंट लगने से दो युवकों की मौके पर मौत हो गई और अली गंभीर रूप से झुलस गए. उन्हें पहले लखनऊ, फिर दिल्ली AIIMS और बाद में मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल ले जाया गया. इस घटना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने मदद के लिए 15 लाख 5 हजार रुपये मंजूर किए, लेकिन चेक मौके पर न मिलने के कारण वापस हो गया और आज तक वह रकम उनके खाते में नहीं पहुंची.

नेताजी की सिफारिश भी नहीं आई काम
अली करीब एक दशक तक हिंदुजा हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर रहे. इलाज के लिए उनकी पत्नी ने गहने बेच दिए और पिता ने जमीन तक गिरवी रख दी. 2016 में जब वे डिस्चार्ज होकर लौटे तो आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी. वे फिर मुलायम सिंह से मिले. मुलायम ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को रकम जारी करने का निर्देश दिया.1 9 मई 2016 को मुख्यमंत्री कार्यालय से निदेशक लखनऊ को पत्र भी भेजा गया, लेकिन पैसा आज तक नहीं मिला.

सपा के मंचों से भी गाते थे गीत
भले ही फोर्थ क्लास नौकरी करते रहे, लेकिन मोहम्मद अली मुलायम सिंह के साथ कई मंचों पर गाना गा चुके हैं. आज भी सुल्तानपुर में वे कार्यक्रमों में गाते हैं और गीत भी लिखते हैं. इसी कड़ी में उन्होंने अखिलेश यादव पर भी गीत लिखा है जिसमें सपा प्रमुख को दगाबाज बताया गया है.

homeuttar-pradesh

जो मुलायम को मानता था देवता… अखिलेश को बता रहा ‘फ्रॉड’ ! जानें PDA वाले…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *