पीलीभीत में कैसी है बाघों की रहस्यमयी दुनिया’… ये किताब खोलेगी राज! पढ़ सकते से हैं ‘केसरी’ और ‘कॉलरवाली’ की कहानी

0
पीलीभीत में कैसी है बाघों की रहस्यमयी दुनिया’… ये किताब खोलेगी राज! पढ़ सकते से हैं ‘केसरी’ और ‘कॉलरवाली’ की कहानी


Last Updated:

Pilibhit Tiger Reserve News : पीलीभीत के जंगलों में बसी बाघों की रहस्यमयी दुनिया अब एक किताब के ज़रिए सामने आ रही है. इस किताब में दर्ज हैं ‘केसरी’ और ‘कॉलरवाली’ जैसी मशहूर बाघिनों की अनसुनी कहानियां हैं जो न स…और पढ़ें

पीलीभीत. हाल ही में पीलीभीत के एक गांव से 5 लोगों को अपना निवाला बना चुकी बाघिन को रेस्क्यू किया गया था. कहने को तो रेस्क्यू आसान होता है मगर इन सभी रेस्क्यू ऑपरेशन की कामयाबी काफी हद तक बाघों के व्यवहार पर निर्भर करती है. यूपी का पीलीभीत अपने बाघों के लिए जाना जाता है. वैसे तो यह पहचान पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सफारी के लिए आए पर्यटकों द्वारा लिए गए फोटो व वीडियो के आधार पर बनती है. लेकिन यह बाघ टाइगर रिजर्व के 20% से भी कम हिस्से में वास करते हैं. बाघों की एक बड़ी आबादी जंगल के उन हिस्सों में वास करती है जहां पर्यटकों का जाना प्रतिबंधित होता है.

इन बाघों की अपनी अलग दुनिया होती है. वहीं बाघों की इस दुनिया से शायद ही जंगलात वालों के अलावा कोई और परिचित हो. बाघों की इसी दुनिया से पर्दा हटाने और बाघों के व्यवहार को समझाने के लिहाज से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह व वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार सिंह ने एक पुस्तक लिखी है. इस पुस्तक में उन बाघों की कहानियां संकलित की गई हैं जिनसे पर्यटक से लेकर आम आदमी अछूता होता है.

क्या है इस किताब का मकसद?
इस पुस्तक का विमोचन ग्लोबल टाइगर डे के मौके पर किया गया था. इस पुस्तक में पीलीभीत के बहुचर्चित बाघ केसरी से लेकर कॉर्बेट नेशनल पार्क की कॉलरवाली समेत तमाम बाघों के किस्से शामिल किए गए हैं. अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इस पुस्तक को लिखने के पीछे का उद्देश्य लोगों को बाघ के असल व्यवहार के बारे में जागरूक करना. उम्मीद है इस पुस्तक के ज़रिये लोगों के बीच बाघों के व्यवहार समेत वन विभाग की कार्यशैली को लेकर जागरूकता होगी.

homeuttar-pradesh

पीलीभीत में कैसी है बाघों की रहस्यमयी दुनिया’… ये किताब खोलेगी राज!



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *