बकरियों को सिर्फ चारा देना ही काफी नहीं, सफाई से लेकर टीकाकरण तक इन बातों का भी रखें ध्यान
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Goat Farming Tips: बकरी पालन में छोटी-छोटी गलतियां भी पशुपालकों के लिए बड़ा नुकसान खड़ा कर सकती हैं. कई बार अच्छी नस्ल की बकरियां होने के बावजूद लापरवाही के कारण वे बीमार पड़ जाती हैं और उत्पादन पर असर पड़ता है. पशु विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर बकरियों को बीमारियों से बचाया जा सकता है और पालन को ज्यादा लाभदायक बनाया जा सकता है. जानिए कौन से आसान उपाय अपनाकर पशुपालक अपनी बकरियों की सेहत बेहतर रख सकते हैं.
गोंडा: बकरी पालन किसानों और पशुपालकों के लिए कम लागत में अच्छी कमाई का अच्छा जरिया बनता जा रहा है. गांवों में बड़ी संख्या में लोग बकरी पालन कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं. लेकिन बकरियों की सही देखभाल न होने पर यही पालन नुकसान का कारण भी बन सकता है. कई बार पशुपालक छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे बकरियां बीमार पड़ जाती हैं और उनकी मौत तक हो सकती है.
लोकल 18 से बातचीत में उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि बकरी पालन में सबसे जरूरी बात साफ-सफाई और सही प्रबंधन है. अगर पशुपालक कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें तो बकरियों को स्वस्थ रखा जा सकता है और नुकसान से बचा जा सकता है.
बकरियों को रखें साफ और सूखे स्थान पर
डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि बकरियों को हमेशा साफ, सूखे और हवादार स्थान पर रखना चाहिए. बाड़े में गंदगी और नमी रहने से बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैल सकते हैं, जिससे बकरियां बीमार हो सकती हैं. इसलिए बाड़े की नियमित सफाई करना बेहद जरूरी है. बरसात के मौसम में खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस दौरान नमी बढ़ने से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. बकरियों को बांधने की जगह जमीन से करीब 2 से 3 फीट ऊंची होनी चाहिए, ताकि पानी जमा न हो और नमी से होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके.
बकरियों को दें संतुलित आहार
डॉ. तिवारी ने बताया कि स्वस्थ बकरियों के लिए पौष्टिक आहार बहुत जरूरी है. बकरियों को हरा चारा, सूखा चारा और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी देना चाहिए. कभी भी बासी, सड़ा हुआ या फफूंद लगा चारा नहीं खिलाना चाहिए, क्योंकि इससे बकरियों को पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है.
समय पर कराएं टीकाकरण
उन्होंने बताया कि बकरियों को बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय पर टीकाकरण और कृमिनाशक दवा (डी-वॉर्मिंग) कराना जरूरी है. इससे कई गंभीर बीमारियों से बचाव होता है. अगर किसी बकरी में बुखार, खाना छोड़ देना, सुस्ती, दस्त या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. केवल घरेलू इलाज के भरोसे रहने से समस्या बढ़ सकती है.
मौसम के अनुसार करें देखभाल
बकरियों को ज्यादा देर तक बारिश में भीगने या तेज गर्मी में खुले में छोड़ने से बचाना चाहिए. मौसम के हिसाब से उनके रहने और खाने की व्यवस्था करनी चाहिए. छोटे मेमनों की देखभाल पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है. उन्हें समय पर मां का दूध मिलना उनके बेहतर विकास के लिए बहुत जरूरी होता है.
सही देखभाल से बढ़ेगी आमदनी
डॉ. तिवारी का कहना है कि अगर पशुपालक साफ-सफाई, संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच का ध्यान रखें तो बकरियां स्वस्थ रहेंगी और बेहतर उत्पादन देंगी. इससे बकरी पालकों की आमदनी बढ़ेगी और बीमारी के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान से भी बचा जा सकेगा.
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Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
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