बिना 1 पैसा लगाए कमा रहे थे युवक, नोटों की गड्डियों से भरा रहता था बैंक अकाउंट, ट्रिक जान पुलिस हैरान

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बिना 1 पैसा लगाए कमा रहे थे युवक, नोटों की गड्डियों से भरा रहता था बैंक अकाउंट, ट्रिक जान पुलिस हैरान


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Bareilly Latest News: यूपी के बरेली से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां बिना इंवेस्टमेंट के कुछ युवक खूब पैसा कमाते थे. लेकिन जब पुलिस ने उन्हें पकड़ा तो हर कोई सन्न रह गया.

पकड़े गे आरोपियों की तस्वीर.

रामविलास सक्सेना. बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली में यूपी एसटीएफ ने बीमा कंपनियों से फर्जी दस्तावेज के जरिए बीमा क्लेम हासिल करवाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. up news यह गिरोह 80 से 85 साल के बूढ़े से बूढ़े व्यक्ति का फर्जी दस्तावेजों के जरिए बीमा कर देते थे. इतना ही नहीं मृतक व्यक्तियों का भी फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए पहले उन्हें जीवित दिखाकर बीमा करते थे और फिर कुछ महीनों बाद मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बीमा कंपनियों से क्लेम हासिल कर 50-50 कर लेते थे. फिलहाल एसटीएफ की टीम ने करीब 1 साल तक चली जांच पड़ताल के बाद गिरोह के सरगना सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और एसटीएफ की टीम इनसे पूछताछ में जुटी है कि अब तक इन लोगों ने कहां-कहां और किन-किन जिलों के लोगों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बीमा क्लेम दिलवाया है. फिलहाल एसटीएफ की कार्रवाई से अब हड़कंप मच गया है.

बरेली में एसटीएफ की टीम की गिरफ्त में यह लोग जन सेवा केंद्र या फिर कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए बीमा योजनाओं में सेंधमारी करने में माहिर हैं. बरेली एसटीएफ टीम को पिछले 1 साल से एलआईसी, और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना में सेंधमारी की जब शिकायत मिली, तो एसटीएफ ने अपने स्तर से जांच पड़ताल शुरू कर दी. अब करीब 1 साल तक चली जांच पड़ताल के बाद एसटीएफ ने थाना भोजीपुरा इलाके में बरेली नैनीताल रोड के पास से राहुल गिहार, जगदीश, सुरेंद्र गंगवार, बंटी,नरेंद्र उर्फ नंदू, संदीप, वासिद, और प्रभाकर त्रिपाठी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है.

एसटीएफ की टीम ने उनके पास से बड़ी तादाद में फर्जी दस्तावेज, कंप्यूटर और बैंक की पासबुक बरामद की है. दरअसल, यह गिरोह सरकारी बीमा योजनाओं में सेंधमारी करता था. खासकर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 18 वर्ष से लेकर 50 साल तक के किसी भी व्यक्ति के बीमा का नियम है. जिसे अपना किसी भी बैंक या फिर डाकघर में अपना खता हो और बहुत छोटी सी ईएमआई के जरिए वह प्रधानमंत्री की इन महत्वाकांक्षी बीमा योजना का लाभ ले सकता है. ऐसे भोले भाले ग्रामीणों को अपना शिकार बनाते थे. यह गिरोह भोले भाले ग्रामीणों को लालच देकर अपने चुंगल में फांस लेते थे, जिसमें यह लोग किसी भी वृद्ध या गंभीर बीमार व्यक्ति का फर्जी दस्तावेजों के जरिए कम उम्र का दिखाकर उसे बीमित कर देते थे और कुछ समय बाद उसकी मृत्यु के उपरांत उसके क्लेम का पैसा मृतक के परिजनों से आधा आधा कर लेते थे.

इतना ही नहीं यह गिरोह इतना शातिर है कि किसी भी मरे हुए व्यक्ति का कम उम्र दिखाकर पहले बीमा करता था और कुछ समय बीतने के बाद उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए बीमा क्लेम हासिल कर लेता था. फिलहाल बरेली एसटीएफ टीम ने ऐसे ही आठ लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछ तांछ शुरू कर दी है कि उन्होंने इस तरह से किन-किन जिलों में कितने लोगों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बीमा क्लेम दिलवाया है. फिलहाल एसटीएफ की कार्यवाही से हड़कंप मच गया है.

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अभिजीत चौहान

न्‍यूज18 हिंदी डिजिटल में कार्यरत. वेब स्‍टोरी और AI आधारित कंटेंट में रूचि. राजनीति, क्राइम, मनोरंजन से जुड़ी खबरों को लिखने में रूचि.

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बिना 1 पैसा लगाए कमा रहे थे युवक, पुलिस को हुआ शक, फिर खुला चौंकाने वाला राज



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