बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंची जांच, चंपत राय से लेकर कईयों के बैंक अकाउंट रडार पर
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Ram Mandir Row: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पुलिस की जांच बैंक अकाउंट तक पहुंच गई है. ताजा जानकारी की मुताबिक, गुरुवार को पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई और केनरा बैंक सहित कई अन्य बैंकों को नोटिस जारी कर राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्यों, गिरफ्तार 8 आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों तथा लॉकरों की पूरी डिटेल तलब की है.
राम मंदिर में दान चोरी करने वालों की बैंक ऑफ बड़ौदा वाले अकाउंट के साथ-साथ कई और बैंक खातों की जांच की जा रही है.
Ayodhya News: राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में हुए चंदा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस आरोपियों की बैंक अकाउंट खंगाल रही है. ताजा जानकारी की मुताबिक, अब पैसों के लेन-देन को ट्रैक करने के लिए बैंकों के रिकॉर्ड खंगाल रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अयोध्या पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा की अयोध्या ब्रांच सहित कई प्रमुख बैंकों को आधिकारिक नोटिस सर्व किया है.
इस ‘ऑपरेशन बैंक’ के तहत पुलिस ट्रस्ट के पदाधिकारियों से लेकर गिरफ्तार किए गए आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के खातों की जांच कर रही है.
बैंक ऑफ बड़ौदा में पुलिस की जांच क्यों?
पुलिस की एक बड़ी जांच बैंक ऑफ बड़ौदा की अयोध्या ब्रांच पर ज्यादा केंद्रित है क्योंकि-
- सिर्फ ऑनलाइन चढ़ावा: ट्रस्ट का बैंक ऑफ बड़ौदा में एक खाता है, जिसमें भक्त केवल ऑनलाइन मोड (QR कोड के जरिए) से चढ़ावा जमा करते हैं.
- कैश का कोई काम नहीं: इस बैंक में न तो नकद (Cash) जमा होता है और न ही बैंक के कर्मचारियों का ट्रस्ट के कैश गिनने में कोई रोल है.
- चढ़ावे का 10-15 प्रतिशत: पूरे राम मंदिर के चढ़ावे का लगभग 10 से 15% ऑनलाइन डोनेशन ही बैंक ऑफ बड़ौदा और PNB में आता है. बाकी सारा कैश और मुख्य लेन-देन SBI (मेन बैंक) में होता है, जो आउटसोर्स कैशियर रखता है.
- करोड़ों का ट्रांजैक्शन: रूटीन दिनों में इस खाते में हर महीने 1 से 1.5 करोड़ रुपये का ऑनलाइन चढ़ावा आता है. वहीं, छुट्टियों और महाकुंभ जैसे विशेष अवसरों पर यह आंकड़ा दोगुना होकर 4 से 5 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है.
- निकासी की प्रक्रिया: साल में सिर्फ एक या दो बार ही ट्रस्ट के लोग चेक के माध्यम से पैसा निकालते हैं. बड़ा अमाउंट होने पर ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों से क्रॉस-चेक करने के बाद ही चेक क्लियर किया जाता है.
चंपत राय और अनिल मिश्रा के बैंक खातों पर नजर
बैंक ऑफ बड़ौदा की जांच के दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख अधिकारियों के बैंक अकउंट को लेकर कुछ अहम जानकारी सामने आईं हैं. जैसे कि
- चंपत राय: ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का एक बैंक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की अयोध्या ब्रांच में है, जो कई सालों पहले दिल्ली से ट्रांसफर होकर आया था. फिलहाल यह अकाउंट एक्टिव नहीं है और इसमें बहुत कम अमाउंट है.
- अनिल मिश्रा: ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का भी इस ब्रांच में खाता है. जानकारी के मुताबिक, करीब 2-3 महीने पहले ही उन्होंने एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीदने के लिए इसी बैंक से 20 लाख रुपये का लोन लिया था.
नामजद आरोपियों के अकाउंट्स का हाल
अयोध्या पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा को नोटिस देकर दर्ज एफआईआर के आधार पर तीन प्रमुख लोगों के खातों की डिटेल मांगी थी:
- अविनाश शुक्ला (नामजद आरोपी)
- मनीष यादव (आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का भतीजा)
- सुप्रिया मिश्रा (आरोपी लवकुश की पत्नी)
बैंक का चौंकाने वाला जवाब
बैंक में सुप्रिया मिश्रा का कोई भी खाता मौजूद नहीं है. (हालांकि, जांच में यह सामने आया है कि आरोपी लवकुश ने दान चोरी के पैसों से सुप्रिया के नाम पर ही जमीन खरीदी और घर बनवाया है). मनीष यादव का खाता इस ब्रांच में जरूर है, लेकिन इसमें मात्र 1400 रुपये का बैलेंस है. जनवरी से लेकर अप्रैल और अब तक इस खाते का कोई इस्तेमाल नहीं किया गया है. फिलहाल, पुलिस सुप्रिया मिश्रा, अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के सभी संभावित बैंक एकाउंट्स की डिटेल्स खंगालने में जुटी है.
रडार पर आए कई बैंक, खंगाले जा रहे हैं लॉकर
यह जांच केवल बैंक ऑफ बड़ौदा तक सीमित नहीं है. अयोध्या पुलिस ने सोमवार को ही एसबीआई (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और कैनरा बैंक के ब्रांच मैनेजर्स को नोटिस थमाकर ट्रस्ट और आरोपियों के खातों की जानकारी मांगी थी. इसके अगले दिन बैंक ऑफ महाराष्ट्र और एक अन्य बैंक को भी नोटिस भेजा गया.
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों, उनके परिवार के सदस्यों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बैंक खातों तथा लॉकरों का पूरा ब्योरा मांगा है. लगभग सभी बैंकों ने अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है. इसके अलावा, पुलिस अब जिला प्रशासन के साथ मिलकर आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई चल-अचल संपत्तियों का भी पूरा खाका तैयार कर रही है.
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें