ब्लैक होल से चंद्रयान तक…गोरखपुर में खुलेगा मिनी ISRO! बच्चों को अब खेल- खेल में सिखाया जाएगा विज्ञान
सीखने का मिलेगा नया अनुभव
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि यह कोई साधारण म्यूजियम नहीं होगा, बल्कि यहां आने वाला हर बच्चा, हर युवा कुछ नया सीखेगा, समझेगा और वैज्ञानिक सोच के साथ बाहर निकलेगा. बच्चों को विज्ञान सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि देखकर, छूकर और समझकर सिखाने की पूरी कोशिश इस संग्रहालय में की जा रही है.
इस संग्रहालय की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां 4K थिएटर, होलोग्राम शो, वर्चुअल रियलिटी ज़ोन और इंटरैक्टिव डिजिटल गैलरीज़ होंगी. यहां पर ब्लैक होल, बिग बैंग थ्योरी, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, ग्रह-उपग्रह, चंद्रयान, मंगलयान और यहां तक कि गगनयान मिशन तक की जानकारियाँ बेहद रोचक तरीके से मिलेंगी.
सिर्फ यही नहीं, हिमालय का निर्माण, जलवायु परिवर्तन, सुनामी, भूकंप जैसे गंभीर विषयों को भी इमर्सिव अनुभव के जरिए समझाया जाएगा, ताकि बच्चों के मन में सवाल उठें और वे खोज करने को प्रेरित हों.
बच्चों के लिए म्यूजियम में दो आउटडोर ज़ोन तैयार किए जा रहे हैं. एक ज़ोन में रॉकेट और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी चीजें होंगी, जबकि दूसरा ज़ोन डायनासोर और प्राचीन मानव जीवन की जानकारी देगा. ये ज़ोन खासतौर पर गेम-बेस्ड लर्निंग और 3D मॉडल्स से लैस होंगे, ताकि बच्चे खेलते-खेलते विज्ञान के सिद्धांत समझ सकें.
पांच डिजिटल दीर्घाएं होंगी खास आकर्षण
इस साइंस म्यूजियम की पांच इंटरैक्टिव गैलरी होंगी. पृथ्वी, जीवन, मानवता, अंतरिक्ष और ब्रह्मांड पर आधारित. यहां विज़िटर को टेक्नोलॉजी के ज़रिए एक अलग ही दुनिया में ले जाया जाएगा. इनोवेशन, खोज, तकनीक और जीवन के वैज्ञानिक पहलू को बेहद सरल और मज़ेदार तरीके से समझाया जाएगा.
भविष्य की पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार
इस प्रोजेक्ट को नगर निगम गोरखपुर ने यूनिट-19 और जल निगम की मदद से डिजाइन किया है. एक बार यह म्यूजियम बनकर तैयार हो गया, तो यह सिर्फ शहर की शान नहीं होगा, बल्कि बच्चों और युवाओं के लिए विज्ञान में रुचि जगाने वाला मजबूत प्लेटफॉर्म बन जाएगा. यह ऐसा म्यूजियम होगा जहां पढ़ाई सिर्फ बुक्स तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वहां सीखने का तरीका ही बदल जाएगा.