मां की दुआ और धर्म का जूनून, 21 साल के इस लड़के ने रच दी आस्था की मिसाल!
अमेठी: अमेठी से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. यहां 21 साल का एक युवा सिर्फ सोशल मीडिया की दुनिया में नहीं बल्कि असल जीवन में मिसाल बनकर निकला है. ये कहानी है अमेठी के रहने वाले हिमांशु सिंह ने ठान लिया है कि वो सनातन धर्म की महिमा को न सिर्फ खुद जिएंगे, बल्कि देशभर के युवाओं में भी उसकी लौ जलाएंगे. इस मिशन के लिए उन्होंने 14 हजार किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा चुनी है.
हिमांशु अमेठी के पहले ऐसे युवा बन गए हैं, जो अकेले साइकिल से द्वादश ज्योतिर्लिंग, चारधाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री), अयोध्या, मथुरा, काशी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा पर निकले हैं. उनकी इस यात्रा की अवधि करीब 14 महीने की होगी. इसका उद्देश्य सिर्फ दर्शन करना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के लिए युवा जागरूकता फैलाना है.
हिमांशु के पिता हैं किसान
हिमांशु के पिता हंसराज सिंह पेशे से किसान हैं और परिवार की देखभाल के लिए बाहर शहर में नौकरी करते हैं. हिमांशु ने स्नातक तक पढ़ाई की है और अब धर्म के इस बड़े अभियान पर निकल पड़े हैं. उनका मानना है कि जब देश में कई लोग सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं, तो किसी को तो आगे आकर इसका सम्मान बचाना चाहिए.
लोकल18 से बातचीत में हिमांशु ने बताया, “मेरे मन में पिछले एक साल से ये संकल्प था. आज जब मैं इस पर निकल रहा हूं, तो बहुत सुकून महसूस हो रहा है. मैं चाहता हूं कि युवा सनातन धर्म को जाने, उसे अपनाएं और उसका आदर करें.”
माता- पिता पहले थे चिंतित
शुरुआत में हिमांशु के माता-पिता इस लंबे और कठिन यात्रा को लेकर चिंतित थे. मां को डर था कि बेटा इतनी लंबी दूरी अकेले कैसे तय करेगा. लेकिन बेटे की आस्था और दृढ़ निश्चय को देख उन्होंने न सिर्फ अनुमति दी बल्कि उसे पूरा सहयोग देने का भी वादा किया.
हिमांशु की मां ने कहा, “बेटे की खुशी में ही हमारी खुशी है. वो जो कर रहा है, हम उसमें उसके साथ हैं. जो भी खर्च आएगा, हम देंगे, बस वो सुरक्षित लौटे.”
14 दिनों की यात्रा निकलेंगे हिमांशु
हिमांशु ने अपनी यात्रा के लिए जरूरी सारे सामान जुटा लिए हैं. कपड़े, दवाइयां, जरूरी उपकरण और धार्मिक सामग्री के साथ वो तैयार हैं. अमेठी से शुरू हुई ये यात्रा 14 महीने तक चलेगी, और इस दौरान हिमांशु 12 ज्योतिर्लिंग, 4 धाम और कई प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करेंगे. हर जगह वो लोगों को सनातन धर्म का संदेश और महत्व भी समझाएंगे.
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं हिमांशु
आज जब युवा बड़ी संख्या में सिर्फ सोशल मीडिया पर व्यस्त हैं. ऐसे में हिमांशु का ये प्रयास एक नई मिसाल बनकर सामने आया है. उनकी यह यात्रा न सिर्फ धार्मिक है, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी देती है. अमेठी से निकला ये संकल्प अब पूरे देश में युवाओं को प्रेरित कर सकता है.