मोंथा तूफान के कहर से किसान हलकान… टूटा 5 साल का रिकॉर्ड! बाजरा, तिल, मूंग, धान पर मंडरा रहा संकट

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मोंथा तूफान के कहर से किसान हलकान… टूटा 5 साल का रिकॉर्ड! बाजरा, तिल, मूंग, धान पर मंडरा रहा संकट


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Chandauli News : चंदौली जिले में मोंथा तूफान ने तबाही मचा दी है. तेज हवाओं और बारिश से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं. किसानों का कहना है कि ऐसा कहर पिछले पांच सालों में नहीं देखा गया. बाजरा, तिल, मूंग और धान की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है.

चंदौली: चक्रवाती तूफान मोंथा के प्रभाव से जिले में तीसरे दिन भी मौसम बदला रहा. पूरे दिन बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही. 2020 के बाद ऐसा 5 साल बाद हुआ है, जब जिले में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में इतनी बारिश हो रही है. वहीं, बुधवार अधिकतम तापमान 25 डिग्री से 24 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री से 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बारिश के कारण सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं, क्योंकि खेतों में खड़ी धान की फसल लोटने लगी है.

बुधवार की रात से जिले में शुरू हुई बारिश गुरुवार की सुबह तक जारी रही. पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए. वहीं, ठंडी हवा चलने से ठंड का भी अनुभव हुआ. बारिश के कारण नगर की कई निर्माणाधीन सड़कों पर कीचड़ जमा हो जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी. तीन दिनों से कभी गर्मी तो कभी ठंड पड़ने के कारण लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला भी चल पड़ा है. लोग सर्दी, जुकाम, बुखार आदि बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं.

मोंथा तूफान के कहर से किसान हलकान
राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मोंथा चक्रवात के प्रभाव से आगामी 31 अक्टूबर, शुक्रवार तक जिले में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. इसके अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है. वहीं, मोंथा तूफान के कहर से किसान हलकान हो गए हैं. बेमौसम बरसात से खरीफ की फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा है. क्षेत्र में रोपे गए बाजरा, तिल, मूंग, उर्द व धान की फसल पर प्रभाव पड़ा है.

धान की फसलों में लग सकता है रोग 
बता दें कि यदि बारिश नहीं रुकी, तो किसाने की लागत डूब जाएगी. बाजरा, धान, तिल, उर्द व मूंग की कटाई चल रही है. फसलों को सुखाने लिए खेतों में छोड़ दिया गया है. बरसात से फसलों के सड़ जाने की आशंका है. वहीं, खेतों में खड़ी धान की फसल में लेढ़ा नामक रोग का प्रकोप तेजी से बढ़ सकता है, जिसका सीधा प्रभाव धान की फसल पर पड़ेगा और पैदावार कम हो जाएगी.

mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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