यूपी में यहां मिलती है बहुत स्पेशल मिठाई, देशी घी से होती तैयार, एक जगह मिलेगा 5 फ्लेवर का स्वाद

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यूपी में यहां मिलती है बहुत स्पेशल मिठाई, देशी घी से होती तैयार, एक जगह मिलेगा 5 फ्लेवर का स्वाद


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Famous Ghevar of Farrukhabad: राजू बताते है कि एक बार में लगभग सात घेवर तैयार किये जाते है. इसके लिए सांचे में तैयार घोल को 40-50 बार डालकर एक बेस तैयार किया जाता है. फिर इसे धीमी आंच में, बेहद सावधानी से, शुद्…और पढ़ें

फर्रुखाबाद: जब बात हो सावन की और मिठाई में घेवर का नाम न आए, तो मानो त्योहार अधूरा सा लगे. घेवर न सिर्फ राजस्थान की पारंपरिक मिठाई है, बल्कि अब इसकी मिठास पूरे देश में फैल चुकी है. सावन के महीने में इसकी डिमांड अपने चरम पर होती है. फर्रुखाबाद के बाजार भी इससे अछूते नहीं हैं. यहां मिठाई की दुकानों पर घेवर की खुशबू हर किसी को अपनी ओर खींच रही है. यही नहीं, रक्षाबंधन जैसे पर्वों पर इसकी मांग और भी बढ़ जाती है.

फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन तिराहे के पास स्थित राजू मिष्ठान भंडार की घेवर इन दिनों चर्चा में है. दुकान के संचालक राजू बाथम बताते है कि उनके दादा ने इस मिठाई को बनाना शुरू किया था और तब से यह परंपरा चली आ रही है. कभी 250 रुपये प्रति किलो में बिकने वाली यह घेवर आज भी वही स्वाद बनाए हुए है, अब यह 300 रुपये किलो में शुद्ध देशी घी से तैयार की जाती है. दुकान पर करीब पांच तरह के घेवर मिलते है, जिनका स्वाद जिले के साथ-साथ मुंबई तक के ग्राहकों को पसंद आ रहा है.

खास तकनीक, खास स्वाद
राजू बाथम का कहना है कि उनकी घेवर की खासियत इसका निर्माण तरीका है, जो इसे बाकी दुकानों से अलग बनाता है. ग्राहकों की भीड़ और ‘लाइन लगाकर बिकने’ वाली मिठाई यही बताती है कि स्वाद में कोई समझौता नहीं किया जाता. सावन आते ही कारीगर दिन-रात घेवर बनाने में जुट जाते है, ताकि सभी ग्राहकों को समय पर ताजगी भरा स्वाद मिल सके.

एक बार में बनते है 7 घेवर
राजू बताते है कि एक बार में लगभग सात घेवर तैयार किये जाते है. इसके लिए सांचे में तैयार घोल को 40-50 बार डालकर एक बेस तैयार किया जाता है. फिर इसे धीमी आंच में, बेहद सावधानी से, शुद्ध देशी घी में पकाया जाता है, ताकि इसकी परतें कुरकुरी और स्वाद में लाजवाब बनी रहे.

कैसे बनता है स्पेशल घेवर
घेवर बनाने की रेसिपी बताते हुए राजू बाथम कहते है कि इसके लिए मैदा, दूध, रिफाइंड और देशी घी का तरल मिश्रण तैयार किया जाता है. इस मिश्रण को तेज गर्म तेल में, बड़े कढ़ाई और घेवर के सांचे में डालकर तला जाता है. जब घेवर तैयार हो जाता है, तो इसके ऊपर दूध से बनी विशेष क्रीम, पिस्ता और सूखे मेवों का आकर्षक टॉपिंग डाला जाता है, जिससे इसका स्वाद और लुक दोनों ही ग्राहकों को आकर्षित करते है.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. डिजिटल में 6 साल से ज्यादा का अन…और पढ़ें

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