राम मंदिर चंदा घोटाला: अब जागा एक और रामभक्त, 4 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई तहरीर

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राम मंदिर चंदा घोटाला: अब जागा एक और रामभक्त, 4 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई तहरीर


अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में स्थित रामलला के दरबार में कथित दान चोरी के मामले में अब नया मोड़ सामने आ चुका है. राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले संतोष दुबे ने आज थाना रामजन्मभूमि में एक तहरीर दी, जिसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों के नाम भी उसमें अंकित हैं. लोकल 18 से बात करते हुए संतोष दूबे ने क्या कहा, आइए जानते हैं.

सवाल: संतोष जी आपने थाना रामजन्मभूमि में एक तहरीर दी, क्या वजह थी?
जवाब: श्रीराम जन्मभूमि के दान पात्र में, प्रभु राम के दान पात्र में जो चोरी हुई थी, वैसे तो कई सौ करोड़ का मामला है, लेकिन जो साढ़े सात और सात करोड़ का मामला अभी लेटेस्ट आया है, इसने पूरे देश को झकझोर दिया. हम उस आंदोलन से बचपन से जुड़े रहे. उस आंदोलन में 2 नवंबर 1990 को चार गोलियां हमने झेली, फिर 6 दिसंबर 1992 को ढांचा तोड़ते समय घायल हुए थे, 17 जगह से हड्डियां टूटी थीं, 17 फ्रैक्चर थे शरीर में, महीनों कोमा में रहा, तो मुझे दर्द नहीं होगा? जहां राम की मर्यादा तार-तार की जाएगी, राम के रत्न को लूटा जाएगा.

सवाल: आपको यह बात कैसे पता चली कि राम की मर्यादा तार-तार की जा रही है, रत्न को लूटा जा रहा है, दान में चोरी हुई?
जवाब: यह हमको, आखिर आप ही लोगों के माध्यम से तो खबर आई, बाहर निकली हमने भी जांच कराई, जानकारी कराई. हमने अपने लोगों को लगाया, पूछा कि जानकारी किया जाए कि क्या सच्चाई है तो जो वहां रामजन्मभूमि में काम करने वाले वर्कर्स हैं, उन्होंने कहा कि भैया यह नियमित होता रहा, कोई नई बात थोड़ी है. आप तो पहले से भी जानते हैं कि ऐसे यहां तमाम लोगों बैठे हैं, जो यह गंदा काम करते हैं. टिन्नू यादव इसके लिए बैठा हुआ है, चंपत राय जी बैठे हुए हैं, ये गंदा काम करने वाले लोग हैं, तो धीरे-धीरे यह बात बढ़ती चली गई. फिर महिपाल सिंह इसमें आए, बृजभूषण सिंह का बयान आया, धीरे-धीरे बातें बढ़ती गईं. मुझे तकलीफ थी, तब आज हमने यह तहरीर दी कि अब इसमें एसआईटी (SIT) की आवश्यकता नहीं, ये चारों अपराधी हैं.

सवाल: जब आपने तहरीर दी, उसके पहले ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने एक SIT कमेटी बनाई, उसपर क्या कहना है?
जवाब: ट्रस्ट का अनुरोध जरूरी है या हिंदू समाज का स्वाभिमान जरूरी है? हिंदू धर्म की सम्माननीयता में जब प्रश्नचिह्न खड़ा होगा, तब ट्रस्ट मायने रखेगा कि हिंदू समाज मायने रखेगा? ट्रस्ट 12-14 लोगों का एक गिरोह है, गैंग है और हिंदू समाज सनातन व्यवस्था है, वैदिक परंपराओं का देश है.

संतोष दुबे कहते है कि तकलीफ होती है, क्या बताएं? इतनी तकलीफ होती है, पूरी दुनिया को हम अयोध्यावासी मुंह दिखाने लायक नहीं रह गए कि राम के नाम पर लूट कर रहे हैं? राम की दान पेटिका से चोरी करने वाले लोग ऐसे बचे हुए हैं.

चार लोगों के खिलाफ तहरीर
उन्होंने कहा कि इन चार लोगों में चंपत राय बंसल, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और उनका ड्राइवर टिन्नू यानि राम शंकर यादव, ये गरीब लोग थे, कहां से इतने बड़े आदमी बन गए? इन्हीं लोगों के खिलाफ मैंने तहरीर दी है. इस आंदोलन में इनसे पहले से मैं जुड़ा हूं. ये लोग जब इस आंदोलन को जानते नहीं थे, तब से मैं जुड़ा हूं. मेरा घर देख लीजिए, मैं तो अभी टूटे मकान में रहता हूं. मेरे पास तो आज तक चार पहिया वाहन भी नहीं है.

सवाल: अगर पुलिस कुछ नहीं करती है तो?
जवाब: नहीं करती है तो बहुविकल्पीय देश है ना.अभी तो हम कल सरयू मैया को एक ज्ञापन सौंपेंगे, पत्र देंगे कि जो चोर हैं इनका सर्वनाश कर दीजिए और हो भी जाएगा, यह भी देख लीजिएगा. जो इनको बचाएगा, उसका भी सर्वनाश हो जाएगा,

सवाल: लेकिन एसआईटी तो जांच कर रही है?
जवाब: हमें कोई विश्वास नहीं, एसआईटी ने लाखों जांच किया देश के अंदर, कुछ नहीं हुआ एसआईटी, सीबीसीआईडी, आईबी… कुछ नहीं करती है, सब मैनेज हो जाते हैं. सब पर दबाव आ जाता है.

सवाल: अच्छा, आपके हिसाब से क्या होना चाहिए?
जवाब: हमारे हिसाब से मुख्यमंत्री जी यहां हर सप्ताह आते थे, अब नहीं आ रहे हैं, उनको आना चाहिए. वो बैठ जाएं, एसएसपी को बुलाएं और कहें चारों चोरों को जेल भेज दो, जांच बाद में होगी. तमाम घटनाएं होती हैं, उसमें कार्रवाई इसी तरह होती है क्या?



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