लखीमपुर में हजारों पौधों से बढ़ रही हरियाली, 30 सदस्यों का समूह बना पर्यावरण का रखवाला

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लखीमपुर में हजारों पौधों से बढ़ रही हरियाली, 30 सदस्यों का समूह बना पर्यावरण का रखवाला


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पर्यावरण मित्र समूह कि प्रबंधन प्रमुख (उपाध्यक्ष) मयूरी नागर ने जानकारी देते हुए बताया कि कई वर्षों से हम लोग अपने घर के आसपास पेड़ों को लगाते थे. परंतु सही तरीके से उनकी देखभाल न हो पाने के कारण जिस कारण पौधे जीवित नहीं हो पाए थे, परंतु जब से हमारा समूह पर्यावरण मित्र समूह का गठन हुआ. उसके बाद लगातार हम लोग पेड़ों को लगा भी रहे हैं और पेड़ों की देखभाल भी कर रहे हैं. बातचीत करते हुए मयूरी नागर बताती हैं. सड़क के किनारे और डिवाइडर के बीच में लगातार हम लोग वृक्षारोपण कर रहे हैं. वृक्षारोपण करने के बाद उनकी पौधों की देखभाल की जाती है.

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लखीमपुर खीरीः जिले में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर लखीमपुर शहर में पर्यावरण मित्र समूह जो की लगातार वृक्षारोपण कर रहा है. यहां सक्रिय पर्यावरण मित्र समूह लगातार वृक्षारोपण अभियान चलाकर हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. बढ़ते प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र को देखते हुए समूह के सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि वह शहर व शहर के आसपास क्षेत्र में वृक्षारोपण अपने क्षेत्र को हरा-भरा बनाएंगे.

पौधे लगाने के साथ जिम्मेदारी निभाएं

समूह द्वारा नीम, पीपल, बरगद, आम और अन्य फलदार व छायादार पौधों का रोपण किया जा रहा है. खास बात यह है कि केवल पौधे लगाने तक ही सीमित न रहकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी समूह के सदस्य खुद उठा रहे हैं. नियमित सिंचाई, ट्री गार्ड और पौधों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. वृक्षारोपण सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक जरूरी कदम है. पेड़ न केवल ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, वर्षा बढ़ाने और मिट्टी के कटाव को रोकने में भी अहम भूमिका निभाते हैं.

पर्यावरण मित्र समूह का हुआ गठन

बातचीत करती हुई पर्यावरण मित्र समूह कि प्रबंधन प्रमुख (उपाध्यक्ष) मयूरी नागर ने जानकारी देते हुए बताया कि कई वर्षों से हम लोग अपने घर के आसपास पेड़ों को लगाते थे. परंतु सही तरीके से उनकी देखभाल न हो पाने के कारण जिस कारण पौधे जीवित नहीं हो पाए थे, परंतु जब से हमारा समूह पर्यावरण मित्र समूह का गठन हुआ. उसके बाद लगातार हम लोग पेड़ों को लगा भी रहे हैं और पेड़ों की देखभाल भी कर रहे हैं. बातचीत करते हुए मयूरी नागर बताती हैं. सड़क के किनारे और डिवाइडर के बीच में लगातार हम लोग वृक्षारोपण कर रहे हैं. वृक्षारोपण करने के बाद उनकी पौधों की देखभाल की जाती है.

फलदार और छायादार पौधों का होता है रोपण

जिससे वह वृक्ष बन सके. अगर बात की जाए तो आम ,जामुन सहजन, नीम व फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया जाता है. मयूरी नागर बताती है कि विकास के नाम पर प्रतिदिन हजारों पेड़ काटे जाते हैं, परंतु उन पेड़ों को सही तरीके से लगाया नहीं जाता है और ना ही उनकी देखभाल की जाती है. जिसको लेकर हमारा समूह लगातार लोगों को वृक्षारोपण करने के लिए जागरूक भी करता है और हमारी टीम के दौरान वृक्षारोपण करने के बाद उन वृक्षों की पूरी जिम्मेदारी होती है.

पर्यावरण समूह में कुल 30 सदस्य हैं परंतु 10 लोगों की एक टीम है जो पेड़ों की पूरी तरीके से देखभाल करती है कौन सी खाद डालनी है और कितने समय पानी डालना है. यह पूरी देखभाल एक टीम के द्वारा किया जाता है. पर्यावरण मित्र समूह के द्वारा 2 हजार से अधिक पेड़ों को लगाया गया है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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