लोकसभा के साथ राज्यसभा में भी सुल्तानपुर का रहा दबदबा, 5 लोग पहुंचे इस मुकाम तक, जानें
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सुल्तानपुर के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह बताते हैं कि सुल्तानपुर जिला एक ऐतिहासिक जिला है यहां पर पांच ऐसे नेता हुए जिन्होंने देश के उच्च सदन यानी कि राज्यसभा पहुंचकर देश का नाम रोशन किया. उसमें पहला नाम जामों रियासत के राजा रुद्र प्रताप सिंह, दूसरे नंबर पर अमेठी नरेश डॉक्टर संजय सिंह, तीसरे स्थान पर बाबू केदारनाथ सिंह, चौथे नंबर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य देवी प्रसाद त्रिपाठी भी सुल्तानपुर की उन प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल रहे. जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई.
सुल्तानपुरः आजादी के बाद जब देश में संसदीय लोकतंत्र की स्थापना हुई तो उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले ने भी राष्ट्रीय राजनीति को कई बड़े नेता दिए. लोकसभा चुनावों में सुल्तानपुर ने देश के अनेक दिग्गज नेताओं का प्रतिनिधित्व देखा. इनमें संजय गांधी, पंडित गोविंद बल्लभ पंत के पुत्र के.सी. पंत, महामना मदन मोहन मालवीय के पुत्र गोविंद मालवीय सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं. इन नेताओं ने अलग-अलग समय में सुल्तानपुर का प्रतिनिधित्व करते हुए जिले को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बनाए रखा. वहीं राज्यसभा की बात करें तो अब तक सुल्तानपुर की धरती से केवल पांच लोग ही देश के उच्च सदन तक पहुंच सकै हैं.
जिले के पांच प्रमुख नाम
सुल्तानपुर के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह बताते हैं कि सुल्तानपुर जिला एक ऐतिहासिक जिला है यहां पर पांच ऐसे नेता हुए जिन्होंने देश के उच्च सदन यानी कि राज्यसभा पहुंचकर देश का नाम रोशन किया. उसमें पहला नाम जामों रियासत के राजा रुद्र प्रताप सिंह, दूसरे नंबर पर अमेठी नरेश डॉक्टर संजय सिंह, तीसरे स्थान पर बाबू केदारनाथ सिंह, चौथे नंबर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य देवी प्रसाद त्रिपाठी भी सुल्तानपुर की उन प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल रहे. जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई. वर्तमान समय में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी इस लिस्ट में शामिल हैं.
देश की उठाये आवाज
इन पांचों नेताओं ने अपने-अपने दौर में राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभाई है. मुख्य रूप से देवी प्रसाद त्रिपाठी ने जो अपने संसदीय ज्ञान और वैचारिक राजनीति के लिए जाने जाते थे. वहीं वर्तमान राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रखर आवाज उठाते रहते हैं. इनका पैतृक निवास सुल्तानपुर में ही है और जिले की क्षेत्रीय राजनीति में भी उनकी सक्रियता लगातार बढ़ रही है. इससे यह स्पष्ट होता है कि सुल्तानपुर केवल लोकसभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्यसभा में भी जिले की मजबूत उपस्थिति दर्ज होती रहती है.
इससे यह स्पष्ट होता है कि सुल्तानपुर केवल लोकसभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्यसभा में भी जिले की मजबूत उपस्थिति दर्ज होती रहती है. इससे यह साफ है कि सुल्तानपुर ने केवल लोकसभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्यसभा में भी जिले की मजबूत उपस्थिति रही है. भले ही अब तक केवल पांच नेता ही उच्च सदन तक पहुंचे हों, लेकिन इन नेताओं ने अपने कार्यों और राजनीतिक योगदान से सुल्तानपुर को राष्ट्रीय राजनीति में एक वीशेष पहचान दिलाने का काम किया.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें