वृंदावन नहीं जा पाए? कानपुर के इन मंदिरों में मनाइए जन्माष्टमी, जानें सूची
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16 अगस्त को पूरे देशभर में जन्माष्टमी के पर्व को लेकर तैयारियां जोरों से चल रही हैं. कानपुर में भी कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां भगवान श्री कृष्ण की जन्माष्टमी बेहद धूमधाम के साथ मनाई जाती है. जानिए कौन-कौन से ये मंदिर हैं और यहां क्या खास कार्यक्रमों का आयोजन होने जा रहा है.
कानपुर के मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन टेंपल बेहद प्रसिद्ध मंदिर है. यहां जन्माष्टमी पर लाखों लोग दर्शन करने आते हैं. इसके साथ ही जन्माष्टमी के दिन जन्मोत्सव 2-3 दिन तक चलता है और तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. भगवान का भव्य श्रृंगार किया जाता है और देर रात से ही यहां लोगों की भीड़ इकट्ठा होने लगती है.

कानपुर का जेके टेंपल सबसे पुराना और प्राचीन मंदिरों में से एक है. आपको बता दें कि इस मंदिर में भी जन्माष्टमी पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन होता है. दूर-दूर से भक्त यहां दर्शन करने आते हैं. कृष्ण जन्माष्टमी पर इस मंदिर में सुंदर-सुंदर झांकियां लगाई जाती हैं, और यह आयोजन कई दिनों तक चलता है. लाखों लोग यहां दर्शन करने के लिए आते हैं.

कानपुर के बिठूर स्थित राधा माधव मंदिर भी बेहद प्रसिद्ध है. यहां दूर-दूर से भक्त दर्शन करने आते हैं. जन्माष्टमी पर मंदिर में भव्य सजावट की जाती है और देर रात से ही भक्तों की भीड़ इकट्ठा होने लगती है ताकि भगवान के दर्शन कर सकें. कृष्ण जन्माष्टमी के साथ-साथ यहां कई दिनों तक चलने वाले उत्सव का आयोजन भी होता है, और भगवान की छठी भी धूमधाम के साथ मनाई जाती है.

कानपुर का सनातन धर्म मंदिर भी सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिरों में से एक है. यह कानपुर के कौशलपुरी में स्थित है और दूर-दूर से भक्त दर्शन करने आते हैं. यहां कृष्ण जन्माष्टमी पर सुंदर-सुंदर झांकियां सजाई जाती हैं, और देर रात में भगवान का जन्मोत्सव पूरे विधि-विधान के साथ मनाया जाता है. बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन करने आते हैं.

कानपुर का राधा कृष्ण मंदिर भी बेहद प्रसिद्ध है. यहां कृष्ण जन्माष्टमी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. देर रात से ही भक्तों की भीड़ इकट्ठा होने लगती है और सभी मिलकर भगवान का जन्मोत्सव मनाते हैं. जन्मोत्सव के बाद लगातार भगवान की छठी तक यहां तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.