संगम नगरी में डराने लगा गंगा-यमुना का जलस्तर! ग्राउंड जीरो पर उतरे DM
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Prayagraj Ganga-Yamuna Flood: प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. हालांकि, दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, लेकिन जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है. सोमवार शाम जिलाधिकारी (DM) मनीष कुमार वर्मा ने एनडीआरएफ (NDRF) और प्रशासनिक टीमों के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले बघाड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने राहत शिविरों का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं.
गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा.
प्रयागराज: पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का असर अब संगम नगरी प्रयागराज में भी दिखने लगा है. यहां गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि, प्रशासन के लिए राहत की बात यह है कि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है और ग्राउंड जीरो पर उतरकर तैयारियों में जुट गया है.
बाढ़ की किसी भी संभावित विभीषिका से निपटने के लिए सोमवार शाम जिलाधिकारी (DM) मनीष कुमार वर्मा खुद प्रशासनिक अमले के साथ सड़कों पर उतरे. उन्होंने नगर निगम, तहसील प्रशासन और एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीमों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया.
बघाड़ा क्षेत्र का लिया जायजा, लोगों से किया सीधा संवाद
डीएम ने अधिकारियों के साथ सबसे पहले ‘बघाड़ा’ क्षेत्र का जायजा लिया. यह प्रयागराज का वह इलाका है, जहां नदियां उफान पर आने पर सबसे पहले बाढ़ का पानी लोगों के घरों में प्रवेश करता है. निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रीय पार्षदों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
राहत शिविरों की व्यवस्थाएं परखीं
संभावित बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन द्वारा बनाए गए शिविरों का भी निरीक्षण किया गया. डीएम मनीष कुमार वर्मा ने एनी बेसेंट स्कूल में बनाए गए मुख्य बाढ़ राहत शिविर का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी बाढ़ राहत चौकियों और शिविरों में राशन, दवा, पीने के पानी और रोशनी जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं.
आम जनता से डीएम की अपील
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से एक विशेष अपील भी की. उन्होंने कहा कि जैसे ही जलस्तर बढ़ना शुरू हो, लोग बिना किसी देरी के तत्काल सतर्क हो जाएं. अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं या प्रशासन द्वारा बनाई गई नजदीकी बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों में शरण लें.
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