सहारनुपर के इस पेड़ पर साल के 12 महीने लगते हैं आम, फल और बौर साथ आता है नजर, जाने
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किसान राजेंद्र अटल ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि हमारा प्रकृति कुंज है, जहां पर विभिन्न प्रकार के पौधे लगे हुए हैं. हम ऐसे पौधों को बचाने का प्रयास करते हैं जो विलुप्त हो चुके हैं. यह जो पौधा आम का आप देख रहे हैं यह है लगभग अभी तीसरे साल में प्रवेश कर रहा है. पिछले साल भी इसने इसी तरीके से फल दिया था. इस पेड़ की विशेषता यह है कि इस पेड़ पर अभी बोर भी आ रहा है, छोटे-छोटे फल भी आ रहे हैं. इससे दो महीने पहले जो बोर आया था उससे बने फल तैयार होने जा रहे है.
सहारनपुर: सहारनपुर जनपद जो की मैंगो बेल्ट के नाम से जाना जाता है. यहां की कुछ अलग प्रकार की वैरायटी सहारनपुर को और भी खास बनाती है. सहारनपुर का यह आम सदाबहार है, जो की एक दो या चार महीने नहीं बल्कि साल में पूरे 12 महीने फल देता है. यह आम दिखने में खूबसूरत, आकार में बड़ा और लोगों को तेजी से अपनी ओर आकर्षित करता है. यह पेड़ अन्य पेड़ से उम्र में भी बेहद छोटा है. वहीं इसकी हाइट भी छोटी ही रहती है और छोटा से इस पेड़ बोर, छोटा फल और पकने वाला फल तीनों एक साथ आपको लगे हुए आपको दिखाई दे सकते हैं.
यह आम पूरे तरीके से ऑर्गेनिक है इसमें किसी प्रकार के खाद, रसायन की आवश्यकता नहीं पड़ती. आम के सीजन में यह छोटा आम का सदाबहार पेड़ चर्चा का विषय बना रहता हैं. दूर दराज से लोग आम की इस खूबसूरत वैरायटी को देखने के लिए भी आते हैं और इसके तैयार पेड़ों को खरीद कर अपने घर भी लेकर जाते हैं. आम की इस तरह की वैरायटी किसानों की आय बढ़ाने का काम भी करती है जो कि साल भर फल देता है.
फल और बौर आते हैं साथ
किसान राजेंद्र अटल ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि हमारा प्रकृति कुंज है, जहां पर विभिन्न प्रकार के पौधे लगे हुए हैं. हम ऐसे पौधों को बचाने का प्रयास करते हैं जो विलुप्त हो चुके हैं. यह जो पौधा आम का आप देख रहे हैं यह है लगभग अभी तीसरे साल में प्रवेश कर रहा है. पिछले साल भी इसने इसी तरीके से फल दिया था. इस पेड़ की विशेषता यह है कि इस पेड़ पर अभी बोर भी आ रहा है, छोटे-छोटे फल भी आ रहे हैं. इससे दो महीने पहले जो बोर आया था उससे बने फल तैयार होने जा रहे है.
इस वैरायटी का नाम सदाबहार रखा गया है क्योंकि यह साल में 12 महीने फल देता है. वही यह पूरे तरीके से ऑर्गेनिक है और हमने अपनी भूमि में आज तक किसी केमिकल, किसी खाद का इस्तेमाल नहीं किया है. आम किसी खास वैरायटी के हमारे पास लगभग 20 पेड़ है और हम इसे कलम कटिंग करने के बाद अलग पेड़ भी तैयार करते हैं अगर किसी व्यक्ति को पेड़ की आवश्यकता पड़ती है तो हम 300 से ₹400 में पर पेड़ उनको उपलब्ध करा सकते हैं. वही खाने में यह बहुत मीठा है और दिखने में बहुत ही सुंदर है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें