सूर्या की हत्या करने के बाद असद का था क्या प्लान? क्यों किया पुलिस ने एनकाउंटर
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Surya Chauhan Murder Case: सूर्या चौहान की हत्या करने के बाद जब असद भाग गया तो उसका प्लान क्या था? पुलिस ने असद का एनकाउंटर क्यों किया? सारे सवालों के जवाब असद को एनकाउंटर में ढेर करने वाले डीसीपी धवल जायसवाल ने दिए हैं.
सूर्या हत्याकांड में बोले डीसीपी.
गाजियाबाद: सूर्या हत्याकांड का मास्टरमाइंड असद क्राइम की दुनिया में उभरता हुआ नया नाम था. इसकी बानगी जब देखने को तब मिली, जब पुलिस से उसकी मुठभेड़ हुई. एक शातिर अपराधी की तरह असद ने पुलिस पर कई राउंड फायरिंग की. मगर खुद असद ही आखिरकार पुलिस की गोली का शिकार बन गया और ढेर हो गया. सुर्या का हत्यारा किस तरह पुलिस की पकड़ में आया? उसका पूरा प्लान क्या था और कैसे हुई पुलिस से उसकी मुठभेड़? इन सभी सवालों के जवाब मुठभेड़ करने वाले डीसीपी धवल जायसवाल ने दिए है.
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि यह कहानी बीती 28 तारीख को शुरू हुई जब असद ने बकरीद के दिन अपने दोस्त सूर्या को ईद मिलने के बहाने बुलाया और वहां अपने साथियों के साथ उससे पूछा कि क्या कभी बकरा हलाल होते हुए देखा है? जब सूर्या ने इससे इनकार किया तो बोला आज तुम्हें दिखाता हूं और उसके बाद असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्य पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए और मौके से फरार हो गया.
वहीं सूर्या की इलाज के दौरान मौत हो गई. हालांकि सूर्या और असद की पहले भी कहा सुनी हुई थी मगर बात शांत हो गई थी. हैरानी की बात ये है कि इस पूरी घटना के बारे में असद के पिता नवाब को भी जानकारी थी. मगर असद के पिता ने असद को एक बार भी नहीं रोका. जबकि पुलिस गिरफ्त में आये फरहान ने पुलिस पूछताछ में बताया कि असद को चाकू उसने ही दिया था जिसे घोंपकर असद ने सूर्या की हत्या की थी. पुलिस की आठ अलग-अलग टीम तभी से असद को ढूंढ रही थी.
सर्विलांस,लोकल इंटेलिजेंस, सीसीटीवी,ओर खुफिया तंत्र असद की तलाश में जुटा हुआ था. तभी पुलिस को सूचना मिली कि असद अपने एक दोस्त के पास पैसे लेने के लिए आने वाला है. क्योंकि उसका मकसद था पैसे लेकर यहां से भाग जाने का. जिसकी सूचना पुलिस को पहले ही मिल चुकी थी. क्योंकि असद के करीबी लोगों को पुलिस ने सर्विलांस पर लिया हुआ था. पुलिस के अनुसार कल सुबह तकरीबन 3 बजे असद अपने एक साथी के साथ वसुंधरा कट के पास नजर आया. चूंकि पुलिस ने पहले ही सूचना के आधार पर जगह-जगह बेरिकेडिंग लगाई हुई थी और रास्तों को भी अपने हिसाब से ब्लॉक किया हुआ था, साथ ही पुलिस की अलग-अलग टीम भी घात लगाए बैठी हुई थी.
ऐसे में जैसे ही असद ओर उसके साथी को पुलिस ने बाइक पर सवार आते हुए देखा तो उसको रुकने का इशारा किया. मगर असद ने बाइक को दौड़ा दिया और वसुंधरा के जगलों की तरफ भागने लगा. पुलिस ने जब पीछा कर उसे घेरा तो उसने पुलिस टीम पर एक जघन्य शातिर अपराधी की तरह फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की. इस दौरान मौके पर 10 राउंड से भी अधिक फायरिंग हुई. जिसमें एक गोली गाजियाबाद पुलिस के कॉन्स्टेबल को लगी तो असद भी पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया.
आनन-फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने असद को मृत घोषित कर दिया. इस पूरे प्रकरण में अहम भूमिका लोकल सोर्स, सीसीटीवी, सर्विलांस और पुलिस के मुखबिरों ने निभाई. हालांकि गाजियाबाद डीसीपी धवल जायसवाल के मुताबिक जो भी इस तहर का कृत्य अपराध करेगा इसका हश्र ऐसा ही होगा. खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बात को कह चुके हैं कि ये सरकार जीरो टोलरेंस की सरकार है, तो उनकी इस बात को गाजियाबाद पुलिस ने करके भी दिखाया.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें