अखिलेश को आई कृष्ण-सुदामा की दोस्ती की याद, बदल दिया PDA की परिभाषा
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Akhilesh Yadav Brahmin Politics : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में जनेश्वर मिश्रा की जयंती के अवसर पर बड़ा बयान देते हुए PDA की नई परिभाषा गढ़ दी. उन्होंने कहा कि PDA में PD का मतलब वास्तव में ‘पंडित’ है. अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश के साथ योगी सरकार और बीजेपी पर हमला बोला.
अखिलेश ने फिर बदली पीडीए की परिभाषा.
लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य की राजनीति में बड़ा दांव चल दिया है. बुधवार को दिवंगत समाजवादी नेता छोटे लोहिया कहे जाने वाले जनेश्वर मिश्रा की जयंती का मौका था. साप ने इस मौके को भुनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. इस मौके पर अखिलेश यादव ने जैसे ही माइक थामी, चारों तरफ से जोर-जोर से आवाज आने लगी. अखिलेश यादव मुस्कुराए और एक ऐसी बात बोल दी, जो अब सुर्खियां बन गईं. अखिलेश यादव ने सपा के चर्चित राजनीतिक फॉर्मूले PDA पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक की एकदम नई और चौंकाने वाली परिभाषा पेश कर दी. अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने की रणनीति के तहत बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, ‘जो लोग PDA का मतलब बदलते रहते हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि PDA में ‘PD’ दरअसल ‘पंडित’ का ही शॉर्ट फॉर्म है’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्रा जी ने आजीवन समाजवादी आंदोलन और सिद्धांतों को अपनाया. उन्होंने बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का काम किया. अखिलेश ने वादा किया कि अगर राज्य में फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो जनेश्वर मिश्रा जी के अधूरे मिशन और विचारों को आगे बढ़ाया जाएगा. अखिलेश ने ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए कहा, ‘भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती आज की नहीं है, बताओ कितने हजार साल पुरानी है, किस युग की है दोस्ती. समाजवादी पार्टी को जब भी मौका मिला है, हम लोगों ने सम्मान देने का काम किया है.’
“जबसे PDA से वो लोग हारे हैं तबसे PDA की नई परिभाषा बना रहे हैं, PDA में पीड़ित पंडित भी है।”
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/4NH83eUtsw