अनुष्का ने ली मयंक की जान! बाल की चाह ने निकाल ली खाल, 1 नहीं 2 लोगों की…

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अनुष्का ने ली मयंक की जान! बाल की चाह ने निकाल ली खाल, 1 नहीं 2 लोगों की…


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Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट कराने से दूसरी मौत हो गई है. अगर आप भी झड़ते बालों से परेशान हैं तो पहले ये खबर पढ़ लें.

हेयर ट्रांसप्लांट कराने से दूसरी मौत (image credit-canva)

हाइलाइट्स

  • कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट से दूसरी मौत
  • डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज
  • छह महीने बाद भी न्याय की उम्मीद अधूरी

Kanpur: बाल हमारी खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं. लेकिन कभी-कभी खूबसूरत दिखने की चाहत जिंदगी की सबसे भयानक कीमत बन जाती है. उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बार फिर ऐसा ही दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां एक आम आदमी खूबसूरत दिखने की चाह और घने बालों की उम्मीद लेकर एक क्लीनिक गया. लेकिन जो उसके साथ हुआ उसने सबका दिल दहला दिया.

कानपुर शहर, जहां टेक्नोलॉजी और चिकित्सा की तरक्की के तमाम दावे किए जाते हैं, वहीं इसी शहर में हेयर ट्रांसप्लांट जैसी ‘कॉस्मेटिक’ प्रक्रिया अब जानलेवा साबित हो रही है. शहर के इंपायर क्लिनिक में छह महीने पहले मयंक कटियार नामक युवक की मौत हो गई थी. यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पता चला कि इसी क्लिनिक में पहले भी एक इंजीनियर विनीत दुबे की जान जा चुकी है. मयंक कटियार, फतेहगढ़ निवासी था और अपने शहर में खुद का बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग कर रहा था. घर का इकलौता सहारा मयंक अपने परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा था क्योंकि पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी.

18 नवंबर की सुबह मयंक कानपुर के केशवपुर स्थित इंपायर क्लिनिक पहुंचा. डॉक्टर अनुष्का तिवारी से उसने हेयर ट्रांसप्लांट करवाया. दोपहर करीब 2 बजे उसे क्लिनिक से छुट्टी दे दी गई. उस समय तक किसी को भी अंदाजा नहीं था कि ये प्रक्रिया मयंक के जीवन की आखिरी साबित होगी. शाम को मयंक को उसका छोटा भाई कुशाग्र घर लेकर आया. लेकिन रात के 12 बजे के आसपास मयंक को तेज दर्द हुआ. डॉक्टर से संपर्क किया गया तो उन्होंने एक इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी. दर्द नहीं थमा, तो पट्टी ढीली करने को कहा गया. लेकिन मयंक की तकलीफ कम नहीं हुई.

मां की गोद में तोड़ा दम
रात भर मयंक दर्द से कराहता रहा. उसका चेहरा सूज गया और रंग काला पड़ गया. सुबह डॉक्टर से फिर बात हुई, मगर उन्होंने इसे सामान्य बताया और आश्वस्त करते रहे कि सब ठीक हो जाएगा. स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने मयंक को फर्रुखाबाद के एक हृदय रोग विशेषज्ञ के पास भेजा, जिन्होंने साफ कहा कि यह दिल की कोई समस्या नहीं है. 19 नवंबर की सुबह जब परिजन उसे वापस कानपुर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, उससे पहले ही मयंक ने मां की गोद में दम तोड़ दिया.

आरोपों के घेरे में डॉक्टर अनुष्का
परिजनों ने डॉक्टर अनुष्का तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि मयंक की बिगड़ती हालत को उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया, न ही समय पर उसे किसी सक्षम अस्पताल में भर्ती कराया गया. पूरा इलाज वीडियो कॉल पर सलाह-मशवरे के सहारे होता रहा. जब स्थिति हाथ से निकल गई, तो डॉक्टर ने परिजनों को व्हाट्सएप और फोन पर ब्लॉक कर दिया और क्लिनिक पर ताला लगाकर गायब हो गईं. मयंक की मां प्रमोदनी और भाई कुशाग्र का कहना है कि उनके पास सारे डोक्यूमेंट्स और सबूत मौजूद हैं. पहले डर के कारण वे शिकायत नहीं कर सके, लेकिन जब विनीत दुबे की मौत के बाद एफआईआर हुई, तब उन्होंने भी पुलिस में तहरीर दी. परिवार का आरोप है कि अनुष्का तिवारी के पास कोई वैध डिग्री नहीं है. वो खुद को डॉक्टर बताकर सस्ते में हेयर ट्रांसप्लांट करती हैं. इसी वजह से उनके क्लिनिक में भीड़ लगी रहती है.

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