अमरूद के बाग में लगा दें ₹60 वाला ये पीला जाल, खतरनाक कीटों का हो जाएगा सफाया
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Agriculture Tips: बरसात में शाहजहांपुर के किसान फल भेदक कीट से फसल बचाने के लिए जहरीले कीटनाशक छिड़कते हैं, जिससे लागत बढ़ती है. विशेषज्ञ जैविक तरीकों और फेरोमोन ट्रैप का उपयोग करने की सलाह देते हैं.
फल भेदक कीट की समस्या
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि फल भेदक कीट अमरूद, भिंडी और बैंगन की फसल पर तेजी से हमला करता है. बरसात के मौसम में जो किसान अमरूद के बाग से फल लेते हैं, उनके लिए यह कीट एक बड़ी चुनौती बन जाता है. किसान फसल बचाने के लिए बार-बार जहरीले कीटनाशक छिड़कते हैं, लेकिन छिड़काव के कुछ ही दिनों बाद कीट फिर फसल को नुकसान पहुंचाने लग जाता है. लगातार छिड़काव से किसानों की लागत बढ़ जाती है और उपज की गुणवत्ता खराब होती है. इसके विपरीत, जैविक नियंत्रण से कीटों की संख्या नियंत्रित रहती है और उपज भी बेहतर होती है.
फल भेदक कीट खासकर अमरूद के बाग में हमला करता है. यह कीट अमरूद के फल पर बैठकर उस पर लार्वी छोड़ देता है, जिससे फल सड़ने लगता है. कई बार सड़ा हुआ फल नीचे गिर जाता है, जिससे पूरी फसल को खतरा हो जाता है. यदि समय रहते रोकथाम न की जाए तो यह कीट पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे बचने के लिए किसान फेरोमोन ट्रैप का उपयोग कर सकते हैं.
फेरोमोन ट्रैप से करें प्रभावी कीट नियंत्रण
फेरोमोन ट्रैप कीट नियंत्रण का एक सस्ता और प्रभावी तरीका है. एक एकड़ खेत में किसान 4 से 5 ट्रैप लगा सकते हैं. इस ट्रैप में एक खास तरह का ल्यूर (आकर्षक पदार्थ) लगा होता है, जो मादा कीट की खुशबू जैसी होती है. यह खुशबू देखकर नर कीट इस जाल की ओर आकर्षित होकर फंस जाते हैं. इससे कीट प्रजनन नहीं कर पाते और उनकी संख्या कम हो जाती है. इस तरह फसल सुरक्षित रहती है. बाजार में फेरोमोन ट्रैप की कीमत करीब 60 से 70 रुपए होती है. यह ट्रैप 25 से 30 दिन तक काम करता है, जिसके बाद किसान इसका ल्यूर बदल सकते हैं.