एक ऑफिस के 2 CMO… डॉ. हरिदत्त को फिर मिला चार्ज, डॉ. उदयनाथ गए वापस? कानपुर में ये चल क्‍या रहा…

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एक ऑफिस के 2 CMO… डॉ. हरिदत्त को फिर मिला चार्ज, डॉ. उदयनाथ गए वापस? कानपुर में ये चल क्‍या रहा…


कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पद को लेकर जोरदार घमासान मचा हुआ है. डीएम और सीएमओ के बीच टकराव से शुरू हुआ विवाद अब कोर्ट, शासन और राजनीतिक गलियारों तक जा पहुंचा है. हालात यह हो गए थे कि एक ही ऑफिस में दो-दो सीएमओ अपनी-अपनी कुर्सी लगाकर बैठ गए थे. अब हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद डॉ. हरिदत्त नेमी एक बार फिर सीएमओ की कुर्सी पर लौट आए हैं और शासन ने कार्यवाहक सीएमओ डॉ. उदयनाथ सिंह को वापस श्रावस्ती भेज दिया है.

गौरतलब है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत 7 जून को एक कथित ऑडियो क्लिप के वायरल होने से हुई, जिसमें डॉ. हरिदत्त नेमी और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के बीच कथित तीखी झड़प हुई थी. इस ऑडियो में नेमी डीएम पर जातीय टिप्पणी और प्रशासनिक हस्तक्षेप जैसे गंभीर आरोप लगाते सुने गए. मामला तेजी से फैला और राजनीतिक रंग लेने लगा.

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राजनीतिक हस्तक्षेप, फिर निलंबन
11 जून को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सहित कई नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर डॉ. हरिदत्त नेमी के पक्ष में समर्थन जताया. लेकिन 19 जून को शासन ने नेमी को निलंबित कर दिया और उनके स्थान पर श्रावस्ती से डॉ. उदयनाथ सिंह को कानपुर का नया सीएमओ नियुक्त कर दिया गया. उसी दिन डॉ. नेमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डीएम पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाए, जिसमें भेदभाव, अपमानजनक व्यवहार और कार्य में हस्तक्षेप शामिल थे.

हाईकोर्ट से राहत, दो-दो सीएमओ का ड्रामा
8 जुलाई को डॉ. नेमी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपने निलंबन पर स्टे ले लिया और उन्हें तत्काल प्रभाव से बहाल मान लिया गया. अगली सुबह यानी 9 जुलाई को वे सीएमओ कार्यालय पहुंच गए और अपने पुराने कक्ष में जाकर कुर्सी संभाल ली. वहीं, डॉ. उदयनाथ भी पहले से पद पर थे, जिससे पूरे दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई. स्थिति ऐसी हो गई कि एक ही कमरे में दो CMO बैठ गए. कर्मचारियों को भी समझ नहीं आ रहा था कि आदेश किसका मानें. इस दौरान पुलिस को बुलाना पड़ा और 10 जुलाई को ADM की मौजूदगी में डॉ. नेमी को कार्यालय से बाहर निकाला गया. उसी दिन शासन ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए.

शासन का नया आदेश: उदयनाथ बाहर, नेमी की वापसी
16 जुलाई को शासन ने एक नया आदेश जारी करते हुए डॉ. उदयनाथ को श्रावस्ती के पद पर वापस भेज दिया और हाईकोर्ट के स्टे के अनुपालन में डॉ. हरिदत्त नेमी को पुनः कानपुर का सीएमओ नियुक्त कर दिया. 17 जुलाई की सुबह नेमी ने एक बार फिर कार्यालय पहुंचकर चार्ज ग्रहण कर लिया, हालांकि उन्होंने मीडिया से बातचीत करने से इनकार किया. वहीं डॉ. उदयनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें शासन से आदेश प्राप्त हुआ है और वे उसका पालन करते हुए अपने मूल पद पर लौट रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में निस्पक्षता से कार्य किया और शासन के प्रति पूरी निष्ठा रखी.

पूरा घटनाक्रम: तारीख दर तारीख

7 जून 2025 : डीएम और सीएमओ हरिदत्त नेमी के बीच कहासुनी का ऑडियो वायरल 11 जून 2025 : विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नेमी के पक्ष में डिप्टी सीएम को पत्र लिखा
19 जून 2025 : डॉ. हरिदत्त नेमी को शासन द्वारा निलंबित किया गया, डॉ. उदयनाथ सिंह की नियुक्ति हुई
19 जून 2025 : डॉ. हरिदत्त नेमी ने प्रेस वार्ता कर डीएम पर गंभीर आरोप लगाए 8 जुलाई 2025 : हाईकोर्ट ने : डॉ. हरिदत्त नेमी निलंबन आदेश पर स्टे दिया 9 जुलाई 2025 : नेमी ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर कुर्सी संभाली, कार्यालय में दो सीएमओ बैठने की स्थिति बनी
10 जुलाई 2025 : नेमी को पुलिस की मौजूदगी में कार्यालय से बाहर निकाला गया, शासन ने जांच के आदेश दिए
16 जुलाई 2025 : शासन ने उदयनाथ को हटाकर नेमी को पुनः कानपुर का सीएमओ नियुक्त किया
17 जुलाई 2025 : डॉ. नेमी ने फिर से चार्ज लिया,लेकिन मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया. |

क्या कहता है प्रशासन और राजनीति
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक प्रक्रिया, राजनीतिक दखल और स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. डीएम की चुप्पी और सीएमओ की बयानबाजी ने विवाद को और गहराया. वहीं, राजनीतिक नेताओं का पक्ष लेना बताता है कि यह महज प्रशासनिक नहीं बल्कि सियासी लड़ाई भी बन गई थी.



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