एक नहीं, दो नहीं… सीमेंट के नीचे छिपे थे तीन सांप! घरवालों की चीख निकल गई!

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एक नहीं, दो नहीं… सीमेंट के नीचे छिपे थे तीन सांप! घरवालों की चीख निकल गई!


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Rampur News: रामपुर के अहमदनगर कला मोहल्ले में एक ही घर से तीन सांप निकलने से हड़कंप मच गया. घरवालों ने एनिमल केयर फाउंडेशन को सूचना दी, जिसके बाद तीनों सांपो को सुरक्षित रेस्क्यू करके वन में छोड़ दिया गया.

हाइलाइट्स

  • रामपुर के अहमदनगर कला मोहल्ले में एक ही घर से तीन सांप निकलने से हड़कंप मच गया.
  • घरवालों ने एनिमल केयर फाउंडेशन को सूचना दी.
  • तीनों सांपो को सुरक्षित रेस्क्यू करके वन में छोड़ दिया गया.

रामपुर: रामपुर के सदर तहसील क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अहमदनगर कला मोहल्ले में एक ही घर से अचानक तीन सांप निकल आए. यह घटना तोपखाना गेट के पास की है. यहां घर में रखे सीमेंट और बजरी के कट्टों से सांप निकलने की सूचना मिलते ही मोहल्ले में सनसनी फैल गई.

घरवालों ने बिना समय गंवाए एनिमल केयर फाउंडेशन को इसकी जानकारी दी. संस्था से जुड़े स्नेक सेवर सिंटू तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. उन्होंने बड़ी सतर्कता से घर में रखे कट्टों को हटाया और नीचे छिपे तीनों सांपों को एक-एक कर बाहर निकाला.

तीनों सांपों को पकड़ा सुरक्षित
जैसे ही सांप निकलने की खबर आसपास फैली, लोगों की भीड़ जमा हो गई. तमाशबीन बनकर सब लोग डर और उत्सुकता में इस नज़ारे को देखने लगे. लेकिन स्नेक सेवर सिंटू ने बिना घबराए, पूरी सावधानी से तीनों सांपों को पकड़ा और फिर उन्हें सुरक्षित तरीके से रामपुर के पीपली वन क्षेत्र में जाकर छोड़ दिया.

जहरीले नहीं होते रेट स्नेक
पकड़े गए तीनों सांप रेट स्नेक प्रजाति के थे, जिन्हें आम भाषा में धामन सांप भी कहा जाता है. देखने में ये सांप भले ही डरावने लगते हों, लेकिन ये जहरीले नहीं होते और इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते. इनकी लंबाई करीब 9 फीट तक हो सकती है और इनका रंग हल्का पीला या कभी-कभी काला भी होता है. इन सांपों के सिर पर फन नहीं होता, और मुंह भी पतला होता है, जिससे यह बाकी जहरीले सांपों से अलग दिखते हैं.

इंसानों के लिए फायदेमंद होते हैं ये सांप
इन रेट स्नेक का भोजन चूहे, मेंढक और छोटी चिड़ियां होती हैं. यही वजह है कि ये सांप खेतों और घरों के आसपास नजर आते हैं और चूहों की संख्या को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं. गर्मियों के मौसम में, खासतौर से मार्च से जून तक, ये सांप अपने प्रजनन काल में बाहर निकलते हैं और अक्सर इंसानी बस्तियों तक भी पहुंच जाते हैं.

स्नेक सेवर सिंटू ने बताया कि घबराने की बजाय लोगों को तुरंत विशेषज्ञों को सूचना देनी चाहिए, क्योंकि इन सांपों को मारना नहीं, बचाना जरूरी है. ये पर्यावरण के लिए बहुत अहम भूमिका निभाते हैं.

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