एक ही फूल में दिखेगा 3 रंगों का जादू, घर की बालकनी और गेट की शान बढ़ा देगी ये अनोखी बेल
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Rangoon Creeper benefits: अगर आप अपने घर की बालकनी, छत या मुख्य द्वार को किसी एलीट रिसॉर्ट जैसा शाही लुक देना चाहते हैं, तो ‘रंगून लता’ आपके लिए सबसे बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है. ग्रामीण बोलचाल में ‘झुमका बेल’ या ‘मधुमालती’ के नाम से मशहूर यह पौधा न सिर्फ कंक्रीट की दीवारों को हरियाली की चादर से ढक देता है, बल्कि इसके फूलों में होने वाला तीन रंगों का जादुई बदलाव हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है. हल्की धूप और कम देखभाल में सालों-साल घर की शान बढ़ाने वाली यह लता शाम के वक्त पूरे वातावरण को भीनी-भीनी खुशबू से महका देती है.
रंगून लता (वानस्पतिक नाम Combretum indicum या Quisqualis indica) एक तेजी से फैलने वाली बारहमासी काष्ठीय लता (वुडी क्लाइंबर) है. यह मूल रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया (जैसे म्यांमार/रंगून, मलेशिया और फिलीपींस) की प्रजाति है, लेकिन भारतीय जलवायु (गर्म और नम मौसम) में यह बेहद खूबसूरती से पनपती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके फूल अपना रंग बदलते हैं! जब फूल खिलता है तो वह सफेद होता है, दूसरे दिन हल्का गुलाबी और तीसरे दिन गहरा लाल/मैरून हो जाता है. एक ही गुच्छे में तीनों रंगों का यह संगम बेहद मनमोहक लगता है.
इंटीरियर और लैंडस्केप डिजाइनर्स इसका इस्तेमाल घर की मुख्य ग्रिल, मेन गेट, बाउंड्री वॉल और छतों को कवर करने के लिए करते हैं. यह प्राकृतिक पर्दे (Green Wall) की तरह काम करती है, जिससे घर को एक एलीट और रिसॉर्ट जैसा लुक मिलता है. इसे अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और दिन में कम से कम 4-5 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है. गर्मी के मौसम से लेकर पूरे मानसून (सावन और बारिश) तक इसमें भारी मात्रा में गुच्छेदार फूल आते हैं. बारिश की बूंदें जब इसकी हरी-भरी पत्तियों और लटकते हुए फूलों (झुमका स्टाइल) पर पड़ती हैं, तो यह नेचुरल ग्लो करने लगता है.
साधारण लोहे के गेट या बाउंड्री पर जब रंगून लता फैलती है, तो घर का मुख्य द्वार किसी शाही महल के प्रवेश द्वार जैसा दिखने लगता है. सफेद से लाल तक का अनोखा सफर, रंगून लता के फूल पहले दिन सफेद, दूसरे दिन गुलाबी और तीसरे दिन लाल हो जाते हैं. एक ही डाल पर तीनों रंगों के फूलों का गुच्छा इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है. शाम के समय इसके फूलों से भीनी-भीनी प्राकृतिक खुशबू आती है, जो आसपास के वातावरण और घर के माहौल को तरोताजा रखती है.
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बारिश के मौसम में इस बेल की हरी-भरी पत्तियां और उस पर अटकी पानी की बूंदें किसी रिसॉर्ट जैसा प्राकृतिक नजारा पेश करती हैं. हॉर्टिकल्चर विशेषज्ञ डॉ. वशिष्ठ यति के अनुसार, रंगून लता को बहुत ज्यादा खाद या रखरखाव की जरूरत नहीं होती. थोड़ी सी धूप और पानी में यह सालों-साल आपके घर की शान बढ़ाती रहती है. इससे घर में हरियाली के साथ ठंडक का अहसास भी बढ़ जाता है. गुलाबी फूलों के गुच्छे हरी पत्तियों के बीच बेहद आकर्षक दिखाई देते हैं. इसी कारण कई लोग इसे घर की बाहरी सजावट के लिए पहली पसंद मानते हैं.
यही वह खासियत है जिसके कारण इसे ग्रामीण और स्थानीय बोलचाल में ‘झुमका बेल’ या ‘मधुमालती’ भी कहा जाता है. इसके फूल गुच्छों में नीचे की तरफ लटकते रहते हैं, जो किसी पारंपरिक भारतीय आभूषण (झुमके) की तरह प्रतीत होते हैं. हल्की हवा चलने पर जब ये झुमकेनुमा फूल झूमते हैं, तो घर की बालकनी या छत का कोना बेहद रूमानी और मनमोहक लगने लगता है.
अगर आप अपने घर की छत या बालकनी की रेलिंग को धूप और बाहरी नजरों से बचाना चाहते हैं, तो रंगून लता सबसे बेहतरीन विकल्प है. यह बेल एक मजबूत प्राकृतिक पर्दे की तरह छत की रेलिंग को ढंके हुए नजर आती है. इसकी तेज बढ़ने की क्षमता कुछ ही महीनों में कंक्रीट की दीवारों को हरियाली और फूलों की चादर से ढक देती है, जिससे घर का तापमान भी नियंत्रित रहता है.
रंगून लता के फूलों की कोमलता और उसकी सूक्ष्म बनावट देखने योग्य होती है. दिन ढलने और शाम के समय इन फूलों से एक बेहद हल्की और मनमोहक प्राकृतिक खुशबू निकलती है, जो पूरे घर के आंगन या बालकनी के वातावरण को तरोताजा और सुगंधित कर देती है. यही वजह है कि होम डेकोरेशन और लैंडस्केपिंग में इसे सबसे संभ्रांत और क्लासी पौधों में गिना जाता है.