कद्दू में सूख रहे हैं फूल? इसके ये 4 कारण, 99% किसान कर बैठते हैं गलती

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कद्दू में सूख रहे हैं फूल? इसके ये 4 कारण, 99% किसान कर बैठते हैं गलती


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कद्दू में सूख रहे हैं फूल? इसके ये 4 कारण, 99% किसान कर बैठते हैं गलती

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Pumpkin farming : इस समय कद्दू की फसल तैयार है. कद्दू में फूल भी खूब आ रहे हैं. अक्सर कुछ पौधों में फूल के सूखने की समस्या देखने को मिलती है. क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है? कद्दू के फूल सूखने की वजह से उनमें फल नहीं बन पाता. इससे पैदावार कम हो जाती है. लोकल 18 ने इस बारे में कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी से बात की. वे बताते हैं कि कुछ किसान इसे रोग समझ लेते हैं, जबकि इसके पीछे कई कारण होते हैं. कभी पोषण की कमी, कभी पानी की समस्या, तो कभी कीट और मौसम. अगर खेत में लंबे समय तक नमी की कमी रहती है तो पौधा तनाव में आ जाता है और फूल सूखने लगते हैं.

कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी लोकल 18 से बताते हैं कि कद्दू के फूलों का सूखना एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या है. जब पौधे पर आने वाले फूल समय से पहले मुरझाकर गिर जाते हैं, तो इससे फल बनना रुक जाता है. इससे पैदावार में कमी आने लगती है. यही वजह है कि कुछ किसान इसे रोग समझ लेते हैं, जबकि इसके पीछे कई कारण होते हैं. कभी पोषण की कमी, कभी पानी की समस्या, तो कभी कीट और मौसम इसका कारण बनते हैं.

कद्दू के फूल सूखने की सबसे बड़ी वजह सिंचाई का असंतुलित हो जाना है. अगर खेत में लंबे समय तक नमी की कमी रहती है तो पौधा तनाव में आ जाता है और फूल सूखने लगते हैं. अगर ज्यादा पानी भी भर जाता है तो जड़ों को सही से ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, जिससे पौधा कमजोर होने लगता है. यही वजह है कि कमजोर पौधे पर फूल टिक नहीं पाते और झड़ जाते हैं.

डॉ. सीके त्रिपाठी के मुताबिक, ऐसे में किसानों को इसका ध्यान रखना चाहिए. कद्दू के खेतों में अधिक पानी न भरने पाए. अगर पानी अधिक हो गया है तो जल निकासी का उचित इंतजाम जरूर होना चाहिए, नहीं तो पौधों में पानी लग सकता है.

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कभी-कभी कद्दू के फूलों के सूखने की मुख्य वजहों में पोषण तत्वों की कमी का होना भी है. यदि मिट्टी उपजाऊ नहीं है या उसमें पोषक तत्वों की कमी है तो ऐसे में कद्दू के पौधे और उसमें आने वाले फूल नकारात्मक रूप से प्रभावित होंगे. इससे फूल सूख जाएगा. इसके लिए आवश्यक है कि खेत में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, बोरॉन या अन्य सूक्ष्म तत्वों की कमी को‌ पूरा कर दिया जाए.

कद्दू में फल बनने के लिए नर और मादा फूलों का सफल परागण होना जरूरी होता है. यदि मधुमक्खियां और अन्य परागण करने वाले कीट पर्याप्त संख्या में नहीं आते, तो मादा फूल फल में परिवर्तित नहीं हो पाते और सूख जाते हैं. बरसात, तेज हवा और कीटनाशकों का अधिक प्रयोग परागण को कम कर देता है. इसके लिए किसानों को फूल आने के समय अनावश्यक कीटनाशकों का प्रयोग कम करना चाहिए.

फल मक्खी, एफिड, थ्रिप्स और अन्य रस चूसने वाले कीट कद्दू के पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं. ये कीट फूलों और कोमल भागों का रस चूस लेते हैं, जिससे फूल कमजोर होकर सूख जाते हैं. कई बार कीटों के कारण फूलों का विकास रुक जाता है और फल नहीं बनने पता है. इसलिए हमें रेगुलर तरीके से अपने खेतों का निरीक्षण करना चाहिए.

फफूंद, वायरस और बैक्टीरिया जनित रोग भी फूलों के सूखने का कारण बनते हैं. पौधों में रोग लगने पर पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, बेल कमजोर हो जाती है और फूल झड़ने लगते हैं. डाउनी मिल्ड्यू और पाउडरी मिल्ड्यू जैसे रोग कद्दू की फसल को प्रभावित करते हैं. ऐसे में हमें रोगग्रस्त पौधों की पहचान कर समय पर उसका उपचार कर देना चाहिए ताकि दूसरे पौधों पर इसका प्रभाव न पड़ने पाए.

कद्दू के फूलों को सूखने से बचाने के लिए संतुलित सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन और नियमित रूप से निगरानी अवश्य करनी चाहिए. खेत में जल निकास अच्छा रखें, समय पर पोषक तत्व दें और कीट-रोग नियंत्रण के उपाय अपनाते रहें. फूल आने के समय मधुमक्खियों की गतिविधि बढ़ाने का प्रयास करें. बोरॉन और अन्य सूक्ष्म तत्वों का संतुलित प्रयोग भी लाभदायक रहता है.



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