किसानों पर कुदरत का कहर, एक रात में 14 एकड़ फसल बर्बाद, जानें वजह
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पीलीभीत जिले में शारदा नदी के किनारे बसे पूरनपुर और कलीनगर तहसील के गांव हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ और कटान की मार झेलते हैं इस वर्ष शारदा नदी के विकराल रूप ने दर्जनों किसानों की फसलों को नष्ट कर दिया है
पीलीभीत जिले की पूरनपुर व कलीनगर तहसील के तमाम ऐसे गांव हैं जो शारदा नदी के किनारे बसे हैं. हर साल शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर ये गांव बाढ़ की जद में आते हैं. अपने जीवन का हिस्सा मान ग्रामीण काफी हद तक उन परिस्थितियों से मुक़ाबला कर लेते हैं. मगर नदी का कटान इन ग्रामीणों के लिए आफत का सबब बन जाता है. जलस्तर बढ़ने के चलते बीते काफी समय से शारदा नदी में कटान जारी है. इस कटान में ग्रामीणों की फसलें नदी में डूब चुकी हैं. चंदिया हजारा गांव के 15 किसानों की लगभग 38 एकड़ फसलें नदी में समा गई है.
एक रात में धो बैठे 14 एकड़ फसल से हाथ
वहीं अब गांव के ही तमाम किसानों की फसल नदी के मुहाने पर आ गई है. बीते दिनों उत्तराखंड के बनबसा बैराज से तकरीबन लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है. नदी का पानी गांव में भी घुस आया था, गाँव तो इस पानी से प्रभावित नहीं हुए मगर कटान के चलते किसानों की रात की नींद हराम है. दोनों तहसीलों की तकरीबन 80 ग्राम पंचायतों पर बारिश के दौरान बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है. वहीं ये ग्रामीण एक ही साल में कई बार बार जैसे हालातों का सामना करते हैं. वैसे तो कहने को ज़िम्मेदारों की ओर से नदी के कटान से बचाव के नाम पर लाखों करोड़ों का बजट खपाया जाता है.