गर्मियों में करें इस सब्जी की खेती, सिर्फ 2 महीने में होने लगेगी बंपर कमाई….
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Bhindi Ki Kheti: बाराबंकी के किसान संदीप कुमार ने सिर्फ 2 महीने में भिंडी की खेती से लाखों की कमाई कर मिसाल पेश की है. गर्मियों में बढ़ती डिमांड के चलते किसान अब तेजी से सब्जियों की ओर रुख कर रहे हैं.
भिंडी की खेती
हाइलाइट्स
- भिंडी की खेती से कम समय में अच्छा मुनाफा मिलता है.
- संदीप कुमार भिंडी की खेती से लाखों रुपये कमा रहे हैं.
- भिंडी की फसल 50-60 दिन में तैयार हो जाती है.
Bhindi Ki Kheti: गर्मी के मौसम में भिंडी की मांग बाजार में तेजी से बढ़ती है, ऐसे में इसकी खेती किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने का बेहतरीन मौका बनती जा रही है. आज के समय में पढ़े-लिखे युवा भी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं और पारंपरिक फसलों से हटकर नगदी फसलों को चुन रहे हैं. भिंडी ऐसी ही एक फसल है, जो कम समय में तैयार हो जाती है और इसमें मेहनत भी तुलनात्मक रूप से कम लगती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार फसल लग जाने के बाद लगभग 2 से 3 महीने तक तोड़ाई चलती है. बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी मिल जाती है, जिससे किसान अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं.
किसान कमा रहें मुनाफा
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के नहामऊ गांव के किसान संदीप कुमार आज इसी भिंडी की खेती से लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब तीन बीघे में भिंडी की फसल लगाई है. एक बीघे में करीब 6 से 7 हजार रुपये की लागत आती है, जबकि एक फसल से 80 से 90 हजार रुपये तक का मुनाफा हो जाता है. संदीप कहते हैं कि वे पिछले 3-4 सालों से सब्जियों की खेती कर रहे हैं और भिंडी सबसे फायदेमंद फसल साबित हुई है. खास बात यह है कि भिंडी की फसल बहुत जल्दी तैयार हो जाती है और बाजार में हमेशा इसकी डिमांड बनी रहती है. बताया कि इस समय बाजार में इसकी कीमत 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक मिल रही हैं.
कम समय में तैयार हो जाती है फसल
उन्होंने बताया कि भिंडी की खेती करना बहुत आसान है. सबसे पहले खेत की गहरी जुताई की जाती है, फिर उसे समतल करके बीजों की बुवाई की जाती है. 15 से 20 दिन बाद पौधे थोड़े बड़े हो जाते हैं तो सिंचाई की जरूरत पड़ती है. करीब 50 से 60 दिन में फसल पूरी तरह तैयार हो जाती है और फिर इसकी तुड़ाई शुरू हो जाती है. किसान इसे बाजार में सीधे बेच सकते हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
संदीप कुमार जैसे किसान यह साबित कर रहे हैं कि यदि सही योजना और मेहनत के साथ खेती की जाए तो यह फायदे का सौदा बन सकती है. भिंडी की खेती न सिर्फ रोजगार का साधन बन रही है, बल्कि गांव-देहात में आर्थिक मजबूती की दिशा में भी मजबूत कदम है.