गेहूं, चना या सरसों नहीं ये खेती है वरदान, चित्रकूट के किसानों को बना रही मालामाल
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Vegetables Farming Tips: सिर्फ गेंहू और सरसों की खेती ही कमाई नहीं देती. आजकल किसान नए-नए तरीके खोज रहे हैं. यूपी के चित्रकूट में किसान एक खास खेती कर मालामाल हो रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर कौन सी खेती कर रहे हैं और कितना क्या मुनाफा हो रहा है.
Farming Best Tips: अभी तक आपने सभी जगह किसानों को गेहूं, चना, सरसों के साथ-साथ सब्जी की खेती करते हुए सुना होगा. मगर, आज हम यूपी के बुंदेलखंड के एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां के किसान गेहूं, चना की खेती से काफी दूर हैं. वह सिर्फ और सिर्फ सब्जी की खेती करते हैं और इन्हें ही बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं. आखिर इसकी वजह क्या है जानते हैं.
ये है कारण
बता दें, चित्रकूट जिले का शिवरामपुर क्षेत्र का खुटहा गांव अपनी अलग पहचान बना रहा है. यहां के किसानों ने छोटी जोत और सीमित संसाधनों के चलते खेती का ऐसा रास्ता चुना है, जिसने उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ रोज की आमदनी भी तय कर दी है. इस गांव के किसान अब खेतों में गेहूं और चना की जगह कद्दू, लौकी, खीरा, करेला और अन्य मौसमी सब्जियां उगा रहे हैं. गांव के अधिकतर परिवारों के पास केवल 2 से 3 बीघा जमीन है. इतनी कम जमीन में अगर पारंपरिक फसलें बोई जाएं तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है. इसके कारण उन्होंने यह रास्ता चुना है.
किसान का क्या कहना?
सब्जी की खेती कर रहे सोनू सिंह ने लोकल 18 से बात की. कहा कि यह खुटहा गांव है. यहां के अधिकतर किसानों के पास 3 से 4 बीघा ही खेती है. इसके कारण वह लोग पारंपरिक खेती से हट के सब्जी की खेती की ओर आगे बढ़े हैं. उनका कहना है कि इसकी खेती में हम लोग 20 से 25 हजार लगा कर 50 हजार तक का भी मुनाफा कमा लेते है. ज्यादा परेशान भी नहीं होना पड़ता. रोज हम लोग यह सब्जी बाजारों में बेच आते हैं. पैसा मिल जाता है. जिससे हमारे घर का भरण पोषण भी हो जाता है. उनका कहना है थोड़ी बहुत पानी की समस्या आती है. मगर, पास लगे बोर के माध्यम से आसानी से पानी दे पाते है.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें