चित्रकूट नगर पालिका के सभी भूखंडों, मकानों का बनेगा डिजिटल पहचान पत्र, जाने
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नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि योजना के पहले चरण में ड्रोन कैमरों की सहायता से पूरे नगर क्षेत्र की उच्च गुणवत्ता वाली मैपिंग पहले ही पूरी की जा चुकी है. अब दूसरे चरण में विशेष सर्वे दल घर-घर पहुंचकर संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच और सत्यापन करेंगे.इसके लिए 14 टीमें गठित की गई हैं. जिनमें नगर पालिका के कर्मचारी और आईटीआई प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों को शामिल किया गया है. जो सभी प्रकार की जानकारी जुटा रहे है
चित्रकूटः बुंदेलखंड के चित्रकूट में अब शहरी संपत्तियों के रिकॉर्ड को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. जिसमें नगर पालिका परिषद के द्वारा आने वाले सोमवार से ड्रोन आधारित डिजिटल सर्वे अभियान शुरू होने वाला है. जिसके तहत शहर के प्रत्येक मकान, दुकान और भूखंड का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद हर संपत्ति की अलग पहचान बनेगी और उसके आधार पर यूआरप्रो अर्बन रिकॉर्ड प्रॉपर्टी कार्ड जारी किया जाएगा.जिसमें उनकी पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी.
10 नगर निकायों में चित्रकूट भी शामिल
आप को बता दे कि इस व्यवस्था से लंबे समय से चले आ रहे जमीन संबंधी विवादों, सीमांकन की दिक्कतों, अभिलेखों की त्रुटियों और फर्जी बैनामों जैसी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी.डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और सरकारी दस्तावेजों के बीच सामंजस्य स्थापित किया जा सकेगा.यह पूरा अभियान केंद्र सरकार की नक्शा (नेशनल जियोस्पेशियल नॉलेज बेस्ड लैंड सर्वे ऑफ अर्बन हैबिटेशंस) परियोजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है.बता दे की प्रदेश के जिन 10 नगर निकायों का चयन इस योजना के लिए किया गया है, उनमें चित्रकूटधाम नगर पालिका परिषद भी शामिल है.इस पहल से नगर के लगभग 25 वार्डों में रहने वाले करीब सवा लाख लोगों को मिलेगा.
पहले चरण की मैपिंग पूरी हो चुकी है
वही इस संबंध में नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि योजना के पहले चरण में ड्रोन कैमरों की सहायता से पूरे नगर क्षेत्र की उच्च गुणवत्ता वाली मैपिंग पहले ही पूरी की जा चुकी है. अब दूसरे चरण में विशेष सर्वे दल घर-घर पहुंचकर संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच और सत्यापन करेंगे.इसके लिए 14 टीमें गठित की गई हैं. जिनमें नगर पालिका के कर्मचारी और आईटीआई प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों को शामिल किया गया है. जो सभी प्रकार की जानकारी जुटा रहे है. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि इस सर्वे के बाद दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी चलाई जाएगी, ताकि यदि किसी संपत्ति के रिकॉर्ड में कोई गलती हो तो उसे समय रहते सुधारा जा सके.
जाने क्या है यूआरप्रो कार्ड
जानकारी के लिए बता दे कि इस पूरी प्रक्रिया में यूआरप्रो कार्ड बनेगा.जो जिसमें संपत्ति स्वामी का नाम, भूखंड का क्षेत्रफल, डिजिटल नक्शा, लोकेशन, कर संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण ऑनलाइन दर्ज रहेंगे.इसमें भविष्य में यही कार्ड संपत्ति की खरीद-बिक्री, बैंक से ऋण लेने, नामांतरण, कर भुगतान और विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा. नगर पालिका अध्यक्ष का मानना है कि यह पूरा होने के बाद जमीन से विवादित मामलों में कमी आएगी.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें