जीएसवीएम में छोटे छेद से होगा गंभीर बीमारियों का इलाज, दर्द कम रिकवरी तेज, जाने

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जीएसवीएम में छोटे छेद से होगा गंभीर बीमारियों का इलाज, दर्द कम रिकवरी तेज, जाने


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कानपुर महानगर में मेडिकल कॉलेज में नई-नई तकनीक की मदद से भी मेडिकल साइंस तेजी से बदल रहा है. अब वह दौर बीतता जा रहा है जब बड़े ऑपरेशन का मतलब शरीर पर बड़ा चीरा और लंबा दर्द होता था. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर अस्पताल में जल्द ही मरीजों को मिनिमल एक्सेस सर्जरी की सुविधा मिलने जा रही है.इस तकनीक के जरिए शरीर में बहुत छोटे छेद करके जटिल और गंभीर बीमारियों का ऑपरेशन किया जाएगा. इससे मरीजों को कम दर्द होगा, शरीर पर बड़े निशान नहीं पड़ेंगे और अस्पताल से जल्दी छुट्टी भी मिल सकेगी.

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कानपुरः दुनिया भर में मेडिकल साइंस तेजी से बदल रही है. वहीं देश की बात की जाए तो मेडिकल क्रांति देश में भी आई है. कानपुर महानगर में मेडिकल कॉलेज में नई-नई तकनीक की मदद से भी मेडिकल साइंस तेजी से बदल रहा है. अब वह दौर बीतता जा रहा है जब बड़े ऑपरेशन का मतलब शरीर पर बड़ा चीरा और लंबा दर्द होता था. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर अस्पताल में जल्द ही मरीजों को मिनिमल एक्सेस सर्जरी की सुविधा मिलने जा रही है.

इस तकनीक के जरिए शरीर में बहुत छोटे छेद करके जटिल और गंभीर बीमारियों का ऑपरेशन किया जाएगा. इससे मरीजों को कम दर्द होगा, शरीर पर बड़े निशान नहीं पड़ेंगे और अस्पताल से जल्दी छुट्टी भी मिल सकेगी. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि देश के बड़े अस्पतालों और एम्स जैसे संस्थानों में अब इसी तकनीक का व्यापक उपयोग हो रहा है. आधुनिक सर्जरी का उद्देश्य मरीज को कम से कम तकलीफ देकर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है. यही सुविधा अब कानपुर के सरकारी अस्पतालों में भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि मरीजों को बड़े शहरों का रुख न करना पड़े.

दर्द कम, रिकवरी तेज

मिनिमल एक्सेस सर्जरी में शरीर को बहुत कम नुकसान पहुंचता है. पारंपरिक सर्जरी की तुलना में इसमें छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिससे खून कम बहता है और संक्रमण का खतरा भी घट जाता है. ऑपरेशन के बाद मरीज सामान्य जीवन में जल्दी लौट पाता है.सबसे बड़ी बात यह है कि शरीर पर बड़े और बदसूरत निशान नहीं बनते, जो अक्सर मरीजों को लंबे समय तक परेशान करते हैं.डॉ. काला के अनुसार, इस तकनीक से मरीजों का अस्पताल में रहने का समय भी कम होगा. कई मामलों में मरीज कुछ ही दिनों में घर जा सकेंगे.इससे इलाज का अनुभव पहले की तुलना में काफी आसान और आरामदायक हो जाएगा.

सर्जरी ब्लॉक में लगेगी नई तकनीक

एलएलआर अस्पताल के सर्जरी ब्लॉक में मिनिमल एक्सेस सर्जरी के लिए अत्याधुनिक सिस्टम स्थापित किया जाएगा.इसमें रोबोटिक तकनीक, 3डी-4के लैप्रोस्कोप और अन्य आधुनिक उपकरण शामिल होंगे.इन उपकरणों की मदद से डॉक्टर शरीर के अंदर की बारीक संरचनाओं को स्पष्ट रूप से देख सकेंगे और अधिक सटीक ऑपरेशन कर पाएंगे.प्राचार्य ने बताया कि इस तकनीक के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण भी लिया जा चुका है.आने वाले समय में अस्पताल में कई जटिल ऑपरेशन इसी पद्धति से किए जाएंगे.

कैंसर समेत कई बीमारियों का होगा इलाज

नई सुविधा के जरिए कैंसर और गैर-कैंसर दोनों प्रकार की बीमारियों की सर्जरी की जा सकेगी.पेट, गला, नाक, सिर और शरीर के अन्य अंगों से जुड़ी कई जटिल बीमारियों का इलाज अब आधुनिक तकनीक से संभव होगा.एलएलआर अस्पताल के साथ-साथ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भी मरीजों को इसका लाभ मिलेगा.डॉक्टरों का मानना है कि इस पहल से कानपुर और आसपास के जिलों के हजारों मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज सरकारी अस्पताल में ही उपलब्ध हो सकेगा.इससे महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी और आम लोगों को कम खर्च में विश्वस्तरीय सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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