जहांगीर की शिकारगाह से रामसर साइट तक, जानिए आगरा की कीठम झील से जुड़ी दिलचस्प जानकारी

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जहांगीर की शिकारगाह से रामसर साइट तक, जानिए आगरा की कीठम झील से जुड़ी दिलचस्प जानकारी


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Keetham Jheel Agra: उत्तर प्रदेश का आगरा जिला ताजमहल और अपनी मुगलकालीन इमारतों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आगरा में ताज के अलावा भी एक ऐसी खूबसूरत जगह है, जहां आपको गजब की शांति और प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलेगी. हम बात कर रहे हैं आगरा-दिल्ली हाईवे पर रुनकता के पास स्थित ‘कीठम झील’ की. यह जगह इतनी खूबसूरत है कि यहां आकर आपका दिल खुश हो जाएगा. आज हम आपको कीठम झील से जुड़ी ऐसी 8 दिलचस्प बातें बताएंगे, जिन्हें बहुत कम लोग जानते हैं.

उत्तर प्रदेश का आगरा जिला अपनी मुगलकालीन इमारतों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. यहां कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं. इन्हीं में से एक है आगरा-दिल्ली मार्ग पर रुनकता में स्थित किठम झील. यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए मशहूर है. माना जाता है कि किठम झील का निर्माण 17वीं शताब्दी में मुगल बादशाह जहांगीर के समय हुआ था. इतिहासकारों के अनुसार, उस दौर में यह स्थान शिकार और विश्राम के लिए इस्तेमाल किया जाता था.

आगरा के रुनकता स्थित किठम झील का पुरा नाम सूर सरोवर पक्षी विहार किठम झील है. इतिहासकार बताते है कि महान भक्ति कवि सूरदास के सम्मान में इस स्थान का नाम यह रखा गया है. उन्होंने बताया कि इस स्थान पर सूरदास का जन्म हुआ और यही उनकी तपोभूमि रही थी जिसे रुनकता कहा जाता है....

आगरा के रुनकता में स्थित कीठम झील का पूरा नाम ‘सूर सरोवर पक्षी विहार कीठम झील’ है. इतिहासकार बताते हैं कि महान भक्ति कवि सूरदास जी के सम्मान में इस जगह का नाम यह रखा गया है. माना जाता है कि इसी रुनकता क्षेत्र में सूरदास जी का जन्म हुआ था और यही उनकी तपोभूमि भी रही थी, जहां रहकर उन्होंने अपनी भक्ति रचनाएं की थीं.

आगरा स्थित किठम झील एक प्राकृतिक और सौंदर्यता का स्थान है. इस स्थान को रामसर साइट का दर्जा भी दिया गया है, जोकि आगरा के लिए एक गौरव की बात है. बता दें कि जैव विविधत और प्रवासी पक्षियों के सरंक्षण में इसके महत्व को देखते हुए सन 2020 में इस स्थान को अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर रामसर आर्द्रभूमि के तौर पर चुना गया और तभी से इसे यह मान्यता मिली है....

कीठम झील सिर्फ घूमने की जगह नहीं है, बल्कि इसे रामसर साइट का दर्जा भी मिला हुआ है, जो पूरे आगरा के लिए बड़े गौरव की बात है. यहां के पर्यावरण, जैव विविधता और देश-विदेश से आने वाले प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा को देखते हुए साल 2020 में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘रामसर आर्द्रभूमि’ (Ramsar Wetland) के तौर पर चुना गया था और तभी से इसे यह बड़ी मान्यता मिली है.

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आगरा स्थित किठम झील का आकर एक बेहद आकर्षित रूप में बना हुआ है. यह स्थान पंचकोणीय आकार में फैला हुआ है. बताया जाता है कि यह अपने आप प्राकृतिक रूप से पंचकोणीय आकार में हो गई है. यह प्रकृति कि देन है या चमत्कार यह कहना संभव नहीं है....

कीठम झील की बनावट बेहद अनोखी और आकर्षक है. यह झील ‘पंचकोणीय’ (पांच कोनों वाले) आकार में फैली हुई है. बताया जाता है कि इसका यह आकार किसी इंसान ने नहीं बनाया, बल्कि यह प्राकृतिक रूप से अपने आप ऐसा हुआ है. अब इसे प्रकृति की देन कहें या कोई चमत्कार, पर यह देखने में बहुत ही सुंदर लगती.

आगरा स्थित किठम झील को प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग भी कहा जाता है. यहाँ अद्धभुत नज़ारा सर्दियों और गुलाबी मौसम में देखा जा सकता है. सर्दियों के मौसम में यहाँ हजारों किलोमीटर दूर जैसे साइबेरिया और यूरोप सहित अन्य देशो से एक से सुंदर एक पक्षी आते है. यहाँ तक़रीबन 250 से अधिक अलग अलग तरह के पक्षियों को देखा गया है....

कीठम  झील को विदेशी और प्रवासी पक्षियों का स्वर्ग भी कहा जाता है. यहां का सबसे अद्भुत नजारा सर्दियों और गुलाबी ठंड के मौसम में देखने को मिलता. कड़ाके की ठंड में यहां हजारों किलोमीटर दूर साइबेरिया, यूरोप और अन्य देशों से एक से बढ़कर एक सुंदर पक्षी आते हैं. यहां अब तक पक्षियों की 250 से ज्यादा अलग-अलग प्रजातियां देखी जा चुकी हैं.

आगरा के किठम झील में उसकी सौंदर्यता को बरकरार रखने के लिए मनुष्य द्वारा कई द्वीप बनाये गए है. दरअसल पक्षियों के सुरक्षित प्रजनन और घोंसले बनाने के लिए, सुरक्षित स्थान जैसे झील के बिच कई कृत्रिम द्वीप बनाये गए हैं. जहाँ आसानी से पक्षी रह सके और उन्हें कोई परेशानी ना हो...

झील में पक्षियों की सुरक्षा और उनकी सुंदरता को बनाए रखने के लिए इंसानों द्वारा कुछ कृत्रिम द्वीप बनाए गए हैं. दरअसल, पानी के बीचों-बीच ये टापू इसलिए बनाए गए हैं ताकि विदेशी पक्षी यहां बिना किसी डर या परेशानी के सुरक्षित रह सकें, अपने घोंसले बना सकें और अंडे दे सकें.

किस्से

इस झील के पास ही भारत का सबसे बड़ा ‘आगरा भालू बचाव केंद्र’ (Bear Rescue Center) बना हुआ है. इस सेंटर में उन भालुओं को लाकर रखा जाता है, जिन्हें कभी मदारी या सपेरों के चंगुल से छुड़ाया गया था. यहां इन भालुओं को आज़ाद माहौल में रखा जाता है, अच्छा खाना दिया जाता है और बीमार होने पर उनका इलाज भी किया जाता है.

किस्से

आज के समय में कीठम झील पर्यटकों के लिए एक बेहद शानदार जगह बन चुकी है. चारों तरफ फैली हरी-भरी घास, पेड़-पौधे और चहकते पक्षियों की आवाजें यहां आने वाले लोगों का मन मोह लेती हैं. आगरा और आसपास के लोग यहां परिवार के साथ पिकनिक मनाने आते हैं और झील के शांत पानी में बोटिंग का मजा लेते हैं.

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