बाग लगाना हो या मशरूम उगाना…आधा खर्चा उठाएगी सरकार, जानिए कैसे उठाएं फायदा
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Farmer Subsidy Rampur : एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत किसानों को तगड़ी आर्थिक मदद दी जा रही है. इस योजना में फलों के बाग लगाने से लेकर सब्जियों की खेती, फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन तक शामिल हैं. रामपुर के उद्यान अधिकारी अजय कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि इस योजना का मकसद किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी से जोड़ना है. विभाग चाहता है कि किसान नई तकनीकों का इस्तेमाल करें. योजना में मधुमक्खी पालन को भी शामिल किया गया है. फल और सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड रूम और कोल्ड स्टोरेज बनाने पर भी सहायता उपलब्ध है.
रामपुर. खेती से अच्छी कमाई करने की सोच रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है. रामपुर उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत किसानों को सरकारी मदद दी जा रही है. इस योजना में फलों के बाग लगाने से लेकर सब्जियों की खेती, फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन तक शामिल हैं. खास बात यह है कि कई कामों पर सरकार 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है. रामपुर के अधीक्षक राजकीय उद्यान अजय कुमार ने बताया कि जिले में एकीकृत बागवानी विकास योजना चलाई जा रही है. इस योजना का मकसद किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी से जोड़ना है ताकि उनकी कमाई बढ़ सके और उन्हें खेती में ज्यादा फायदा मिले.
जो किसान आम, अमरूद और नींबू के नए बाग लगाना चाहते हैं, वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं. सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी योजना के तहत मदद दी जा रही है. विभाग चाहता है कि किसान नई तकनीकों का इस्तेमाल करें, जिससे कम खर्च में ज्यादा और बेहतर उत्पादन मिल सके.
तारबंदी के लिए भी मदद
फसलों में कीट और बीमारियों की समस्या को कम करने के लिए भी योजना में कई सुविधाएं दी जा रही हैं. किसानों को लाइट ट्रैप जैसी तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इससे खेतों में नुकसान पहुंचाने वाले कीटों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है और फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है. योजना में मधुमक्खी पालन को भी शामिल किया गया है. कई किसान खेती के साथ मधुमक्खी पालन करके अच्छी कमाई कर रहे हैं. जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. फूलों की खेती करने वाले किसानों को भी योजना के तहत सहायता मिल रही है. शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रमों और बाजार में फूलों की लगातार मांग बनी रहती है इसलिए यह किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया बन सकता है. खेत की सुरक्षा के लिए तारबंदी या फेसिंग कराने में भी किसानों को मदद दी जा रही है.
और क्या-क्या
आधुनिक खेती के लिए पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस लगाने पर भी सरकार सहायता दे रही है. इनकी मदद से किसान मौसम का असर कम करते हुए सालभर खेती कर सकते हैं, इससे फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर होती है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है. मशरूम की खेती शुरू करने वाले किसानों के लिए भी योजना में प्रावधान किया गया है. मशरूम उत्पादन यूनिट और उससे जुड़ी दूसरी सुविधाओं के लिए भी अनुदान दिया जा रहा है. फल और सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड रूम और कोल्ड स्टोरेज बनाने पर भी सहायता उपलब्ध है. इससे किसानों को अपनी उपज खराब होने की चिंता कम रहती है और वे बेहतर कीमत मिलने तक उसे सुरक्षित रख सकते हैं.
करना क्या होगा
अजय कुमार ने बताया कि योजना के तहत अलग-अलग कामों पर सरकार 40 से 50 प्रतिशत तक आर्थिक मदद देती है, इससे किसानों को पूरा खर्च खुद नहीं उठाना पड़ता और वे आसानी से नए काम शुरू कर सकते हैं. योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को DBT Horticulture पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक, चार पासपोर्ट साइज फोटो, जमीन के कागजात और फार्मर रजिस्ट्री की जरूरत होगी.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें