झांसी की स्थापना कब हुई थी? किसने दिया यह नाम? यहां जानिए सबकुछ
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Jhansi General Knowledge: झांसी की स्थापना 31 जनवरी 1613 को ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव द्वारा की गई थी. इस दिन को अब झांसी का स्थापना दिवस मनाया जाएगा. विशेषज्ञों ने इस तिथि की खोज की है.
झांसी किला
हाइलाइट्स
- झांसी की स्थापना 31 जनवरी 1613 को हुई थी.
- राजा वीर सिंह जूदेव ने झांसी नाम दिया.
- झांसी का स्थापना दिवस हर साल 31 जनवरी को मनाया जाएगा.
eneझांसी: दुनिया भर में वीरांगना लक्ष्मीबाई के नाम से प्रसिद्ध झांसी शहर की भी अपनी एक जन्म तिथि है. हाल ही में, झांसी की जन्मतिथि 31 जनवरी 1613 की गई है. ओरछा गजेटियर के हवाले से कहा गया है कि इसी दिन ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने झांसी किले की नींव रखी थी. हर साल इसी तारीख को झांसी का स्थापना दिवस का जश्न मनाया जाएगा.
31 जनवरी से शुरु हुआ झांसी का निर्माण
विशेषज्ञों ने कहा कि ओरछा के राजा वीरसिंह जूदेव ने बंगरा पहाड़ी पर एक किला बनवाया था, जिसे अब झांसी का किला कहते हैं. इसके साथ ही राज्य की सुरक्षा के लिए 52 गढ़ियों का निर्माण भी कराया था. ओरछा गजेटियर के अनुसार, जिस दिन इन गढ़ियों की नींव डाली गई, उस दिन बसंत पंचमी थी. 1618 ईस्वी में बसंत पंचमी 31 जनवरी को थी. कुछ समय बाद किला आकार लेने लगा था.
वीर सिंह जूदेव ने दिया झांसी नाम
एक दिन राजा वीर सिंह जूदेव और जैतपुर के राजा ओरछा किला की सबसे ऊंची छत पर बैठक कर रहे थे. तभी जैतपुर के राजा ने पूछा कि आप नया किला कहां बनवा रहे हैं. तभी उन्होंने झांसी की ओर इशारा किया और कहा कि वह जो झाईं सी दिखाई दे रही है, वही नया किला है. कालांतर में वीर सिंह जूदेव का झाईं सी कहना ही झांसी कहा जाने लगा.
इन लोगों ने खोजी तिथि
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष हरगोविंद कुशवाहा, पुरातत्त्व विशेषज्ञ अनुभा श्रीवास्तव, इतिहासकार मुकुंद मेहरोत्रा, पर्यटन अधिकारी कीर्ति, पुरातत्य विशेषज्ञ एसके दुबे, समाजसेवी नीति शास्त्री आदि लोगों ने मिलकर इसी तिथि को खोजा था. अब हर साल झांसी का स्थापना दिवस इस दिन मनाया जाता है.