टूटा कच्चा मकान, उजड़ा पूरा परिवार, पिता समेत चार मासूम सुपुर्द-ए-खाक
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित हबीबपुर सीकरी गांव में कच्चा मकान ढहने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद मातम पसरा हुआ है. सोमवार को जब 52 वर्षीय पिता इस्लामउद्दीन और उनके चार मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, तो कोहराम मच गया. एक साथ उठे पांच जनाजों को देखकर हर किसी की आंखें छलक पड़ीं. शोक में डूबे पूरे गांव में किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला. इस दर्दनाक त्रासदी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है. उनके निर्देश पर डीएम ने पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की संस्तुति शासन को भेज दी है.
मुजफ्फरनगर में क्या है ताजा हालात.
मुजफ्फरनगर. फुगाना थाना क्षेत्र के गांव हबीबपुर सीकरी में कच्चा मकान ढहने से हुई दर्दनाक त्रासदी के बाद सोमवार को पूरा गांव गम में डूब गया. पोस्टमार्टम के बाद जब 52 वर्षीय इस्लामउद्दीन और उनके चार मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई. एक साथ पांच जनाजे उठते देख हर आंख नम हो गई. पूरे गांव में ऐसा मातम पसरा कि किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला.
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही एम्बुलेंस गांव पहुंची, परिजनों का सब्र जवाब दे गया. मां, बहनों और रिश्तेदारों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा. जिस आंगन में कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और मातम था. गांव के कब्रिस्तान में इस्लामउद्दीन के साथ उनकी 12 वर्षीय बेटी रुखसार, 5 वर्षीय अलसिफा, 2 वर्षीय बेटे आहद और महज 8 माह के मासूम जीशान को नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया. एक साथ पांच जनाजों का यह दृश्य गांव ही नहीं, पूरे क्षेत्र के लोगों को झकझोर गया.
मां का रो-रोकर बुरा हाल
शवों से लिपटकर मां और बहन बार-बार बेसुध होती रहीं. गांव की महिलाएं उन्हें संभालती रहीं, लेकिन अपनों को खोने का दर्द किसी से देखा नहीं जा रहा था. कब्रिस्तान में मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले इस्लामउद्दीन का पूरा संसार एक ही हादसे में उजड़ गया. मेहनत-मजदूरी से अपने बच्चों का भविष्य संवारने का सपना देखने वाला यह परिवार कुछ ही पलों में खत्म हो गया. इस हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया.
लोगों का आना-जाना लगा रहा
घटना के बाद हबीबपुर सीकरी में पूरे दिन शोक का माहौल रहा. किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला. लोग अपने काम छोड़कर पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहे और हर गली-चौराहे पर इसी दर्दनाक हादसे की चर्चा होती रही. पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी गांव में तांता लगा रहा. कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.
₹25 लाख की मुआवजा देने का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की संस्तुति शासन को भेज दी है. प्रशासन का कहना है कि शासन से स्वीकृति मिलते ही सहायता राशि जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी.
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