टोल प्लाजा से उठाया, मांगे 6 लाख, बुलंदशहर में SHO समेत 7 पुलिसकर्मियों पर FIR

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टोल प्लाजा से उठाया, मांगे 6 लाख, बुलंदशहर में SHO समेत 7 पुलिसकर्मियों पर FIR


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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में डीआईजी कलानिधि नैथानी के आदेश के बाद सिकंदराबाद कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी (SHO) नीरज मलिक सहित 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. शिकायत करने वाले सलमान का आरोप है कि इन पुलिसकर्मियों ने उसे टोल प्लाजा से अवैध रूप से उठाया, थाने में बेरहमी से पीटा और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 6 लाख रुपये की रंगदारी वसूली.

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एसएचओ समेत 7 पुलिसावलों के खिलाफ केस दर्ज.

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है. बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद कोतवाली में तैनात रहे पुलिस वालों पर एक शख्स को टोल प्लाजा से उठाकर, केस में फंसाने की धमकी देकर 6 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने रविवार को तत्कालिन एसएचओ सहित छह पुलिसवालों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है.

इस पूरे ‘घूसकांड’ और प्रताड़ना की शिकायत सलमान नाम के एक युवक ने की है. पीड़ित सलमान के मुताबिक, सिकंदराबाद पुलिस ने उसे बिना किसी जुर्म के एक टोल प्लाजा से जबरन उठाया. इसके बाद उसे थाने ले जाकर अवैध हिरासत में रखा गया और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई.

झूठे मुकदमे का डर दिखाकर 6 लाख की वसूली
सलमान ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि पुलिसकर्मियों ने उस पर दबाव बनाया और किसी संगीन झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी. इस खौफ के एवज में पुलिसकर्मियों ने उससे कथित तौर पर 6 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम वसूल ली. पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए उच्चाधिकारियों को इस पूरे घटनाक्रम की आपबीती सुनाई.

इन पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुई FIR
शिकायतकर्ता के बयान और मामले की प्राथमिक जांच के बाद जिन पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया है, उनमें सिकंदराबाद कोतवाली के तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) नीरज मलिक, सब-इंस्पेक्टर (एसआई) अरुण कुमार, कॉन्स्टेबल योगेश और 4 अन्य अज्ञात पुलिसकर्मी शामिल हैं. डीआईजी के आदेश पर इन सभी 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

CCTV फुटेज खोलेगा काला चिट्ठा
पीड़ित सलमान ने अपनी शिकायत में निष्पक्ष जांच के लिए एक अहम मांग रखी थी. उसने अधिकारियों से कहा था कि टोल प्लाजा (जहां से उसे उठाया गया था) और सिकंदराबाद थाने (जहां उसे अवैध हिरासत में रखा गया) के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को जांच का मुख्य आधार बनाया जाए.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर

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