दिल, पेट और जेब…तीनों का फायदा! मार्केट में तेजी से बिक रहा ये देसी फल
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Falsa Fruit Farming: लखीमपुर खीरी के किसान धीरेंद्र मौर्य ने परंपरागत खेती छोड़कर फालसा की खेती से नई मिसाल पेश की है. गर्मियों में खूब बिकने वाला ये फल न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि किसानों की आमदनी भ…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- लखीमपुर खीरी के किसान धीरेंद्र मौर्य ने फालसा की खेती से मुनाफा कमा रहे हैं.
- फालसा फल गर्मियों में सेहत के लिए काफ़ी फायदेमंद है.
- फालसा की खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है.
कम लागत, ज्यादा मुनाफा
एक हेक्टेयर में फालसा की खेती करने पर लगभग 30 से 40 हजार रुपये की लागत आती है. लेकिन अच्छी देखभाल के बाद बाजार में इसकी जबरदस्त डिमांड रहती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. यही वजह है कि सरकार भी किसानों को परंपरागत खेती छोड़कर ऐसे लाभकारी पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है.
सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है फालसा
धीरेंद्र मौर्य बताते हैं कि फालसा न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है, बल्कि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक देता है. इसके शर्बत से पेट की गर्मी और हृदय से जुड़ी समस्याओं में भी राहत मिलती है.
केवल फल ही नहीं, इसकी टहनियां भी उपयोगी हैं. इनसे डलिया (टोकरी) बनाई जाती है, जो ग्रामीण इलाकों में काफी काम आती है. किसानों के लिए फालसा एक ऐसा विकल्प बनकर उभर रहा है, जिससे कम लागत में अच्छी आमदनी ली जा सकती है.