नवरात्रि या दिवाली, कब खरीदें घर? प्रॉपर्टी बाजार में कब दे रहा ज्यादा मुनाफा? जानें
इस बार सिर्फ रियल एस्टेट बाजार ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार ने भी अपना घर के सपने को पूरा करने के लिए काफी रियायतें दी हैं. हालांकि ये रियायतें 22 सितंबर से लागू होंगी. ऐसे में आइए जानते हैं कि नवरात्रि में या दिवाली पर, कब घर खरीदना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है.
दूसरी बड़ी राहत आई है जीएसटी सुधारों से. ये 22 सितंबर से लागू हो रहे हैं और सबसे खास बात है कि नवरात्र 23 सितंबर से चालू हो रहे हैं तो जीएसटी का फायदा अभी से मिलने लगेगा. सरकार ने निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, मार्बल और ग्रेनाइट पर टैक्स घटा दिया है. इससे घर बनाने की लागत कम होगी और घरों की कीमत भी तुलनात्मक रूप से कम हो सकती है. ऐसे में खरीदारों को असली बचत मिलेगी और डेवलपर्स के लिए प्रोजेक्ट्स की लागत घटेगी, जिससे उन्हें भी फायदा होगा.
त्योहारी सीज़न में डेवलपर्स भी आकर्षक ऑफर लेकर आ रहे हैं. इनमें लचीले पेमेंट प्लान, कैश डिस्काउंट, स्टाम्प ड्यूटी माफी, मुफ्त मॉड्यूलर किचन और पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं. साथ ही, डिजिटल मार्केटिंग और इन्फ्लुएंसर कैंपेन के जरिए डेवलपर्स ज्यादा लोगों तक पहुंच बना रहे हैं.
एनसीआर में ये हैं प्रॉपटी के हॉटस्पॉट
दिल्ली-एनसीआर में कई नए क्षेत्र इस साल निवेश के हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं. गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, भिवाड़ी, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में तेजी से नए प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं. बेहतर कनेक्टिविटी, मेट्रो का विस्तार और एक्सप्रेसवे (जैसे द्वारका एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और केएमपी एक्सप्रेसवे) इन जगहों को निवेश के लिए और भी आकर्षक बना रहे हैं.
क्या कहते है रियल एस्टेट एक्सपर्ट
वहीं रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर, यशांक वासन ने कहा कि जैसे-जैसे 2025 का त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा है, डेवलपर्स इस दौरान खरीदारों को कई तरह की छूट और आसान पेमेंट प्लान दे रहे हैं, जिससे यह नए प्रोजेक्ट्स में निवेश करने का एक अच्छा समय बन गया है. इन फायदों को सरकार की नीतियां भी बढ़ा रही हैं.अगर डेवलपर्स इसका फायदा ग्राहकों को देते हैं तो घरों की कीमतें भी घट सकती हैं.
गौरव के. सिंह, चेयरमैन एंड फाउंडर वोमेकी ग्रुप कहते हैं कि यह वह समय होता है जब घर खरीदारों की भावनाएं चरम पर होती हैं, जो शुभ शुरुआत से जुड़ी सांस्कृतिक मान्यताओं और डेवलपर ऑफ़र, नए लॉन्च और आकर्षक वित्तीय योजनाओं जैसे व्यावहारिक विचारों से प्रेरित होती हैं. ऐतिहासिक रूप से, इस अवधि में वर्ष के बाकी समय की तुलना में खरीदार गतिविधि में 15-20% की वृद्धि देखी जाती है.