नहीं छोड़ पा रहे मीठा खाना? गुड़मार का पौधा छुड़ा देगा इसकी लत, गोंडा के वैद्य से जानिए
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Gudmar ke fayde : कई लोग इसे शुगर नाशक पौधा भी कहते हैं. आयुर्वेद में गुड़मार का सबसे अधिक उपयोग मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए ही किया जाता है. लोकल 18 से गोंडा के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि गुड़मार एक बेलनुमा औषधीय पौधा है. कुछ आयुर्वेदिक उपचारों में गुड़मार का उपयोग वजन नियंत्रित करने, मीठा खाने की इच्छा कम करने और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने के उद्देश्य से भी होता है. यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है. डॉ. अभिषेक बताते हैं कि जो लोग पहले से डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, उन्हें इसका उपयोग डॉक्टर की निगरानी में ही करें.
गोंडा. औषधीय पौधों की बात हो और गुड़मार का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है. आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल होने वाला यह पौधा कई स्वास्थ्य समस्याओं में पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है. खासकर मधुमेह (डायबिटीज) के लिए इसे काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. लोकल 18 से गोंडा के वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा ने बताया कि गुड़मार एक बेलनुमा औषधीय पौधा है. इसकी पत्तियों, जड़ों और तनों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाएं बनाने में किया जाता है. इसमें कई प्राकृतिक औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हैं. डॉ. अभिषेक मिश्रा बताते हैं कि आयुर्वेद में गुड़मार का सबसे अधिक उपयोग मधुमेह के प्रबंधन के लिए किया जाता है. इसकी पत्तियों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जिनका पारंपरिक रूप से रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने वाले आयुर्वेदिक उपचारों में इस्तेमाल किया जाता है. इसी वजह से इसे कई लोग “शुगर नाशक” पौधा भी कहते हैं.
अभिषेक मिश्रा ने बताते हैं कि गुड़मार का उपयोग सिर्फ डायबिटीज तक सीमित नहीं है. आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल अपच, गैस, कब्ज, भूख कम लगना और पाचन संबंधी समस्याओं में भी किया जाता है. यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है. डॉ. अभिषेक मिश्रा के अनुसार, कुछ आयुर्वेदिक उपचारों में गुड़मार का उपयोग वजन नियंत्रित करने, मीठा खाने की इच्छा कम करने और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने के उद्देश्य से भी किया जाता है. इसके अलावा इसे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले कई आयुर्वेदिक योगों में भी शामिल किया जाता है.
बिना सलाह न करें सेवन
अभिषेक मिश्रा बताते हैं कि बाजार में गुड़मार का चूर्ण, कैप्सूल और टैबलेट आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन किसी भी रूप में इसका सेवन बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए. खासकर जो लोग पहले से डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, उन्हें इसका उपयोग डॉक्टर की निगरानी में ही करना चाहिए. गुड़मार का उपयोग आयुर्वेद में कई बीमारियों के लिए पारंपरिक रूप से किया जाता है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का निश्चित इलाज नहीं है. किसी भी औषधीय पौधे का सेवन शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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