परिक्रमा करने पहुंचे श्रद्धालुओं को रास्ते में दिखे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के सबूत

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परिक्रमा करने पहुंचे श्रद्धालुओं को रास्ते में दिखे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के सबूत


मथुरा: मुडिया पूर्णिमा मेले में गिरिराज महाराज की परिक्रमा के लिए के मंगलवार को लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. इस बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों को लेकर एक विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी रही. राधाकुंड स्थित श्री गुरु कार्ष्णि बृजनन्द उदासीन आश्रम (बागड़ी की प्याऊ, गोवर्धन) में आयोजित इस प्रदर्शनी के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के इतिहास, उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों और न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जानकारी दी गई.

इस जनजागरण अभियान का नेतृत्व श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने किया. उनके निर्देशन में आयोजित प्रदर्शनी में दिनभर बड़ी संख्या में परिक्रमार्थी पहुंचे और ऐतिहासिक दस्तावेजों का अवलोकन किया. आयोजनकर्ताओं का दावा है कि मेले में पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं तक इस अभियान का संदेश पहुंचा. प्रदर्शनी का शुभारंभ आश्रम के संस्थापक स्वामी रविन्द्रानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को पंपलेट वितरित कर किया. इस अवसर पर स्वामी विश्वात्मानंद जी महाराज और संत श्यामानंद महाराज भी मौजूद रहे.

प्रदर्शनी में विभिन्न ऐतिहासिक ग्रंथों, अभिलेखों और दस्तावेजों के आधार पर तैयार सामग्री प्रदर्शित की गई. श्रद्धालुओं को बताया गया कि इन्हीं ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर हिंदू पक्ष न्यायालय में अपना दावा पेश कर रहा है. प्रदर्शनी के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि के इतिहास, मंदिर विध्वंस से जुड़े संदर्भों और न्यायालय में लंबित वाद की पृष्ठभूमि को सरल तरीके से समझाया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रदर्शित दस्तावेजों का अध्ययन किया और विषय से जुड़ी जानकारी हासिल की.

इस दौरान महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि मुडिया पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु गिरिराज महाराज की परिक्रमा के लिए गोवर्धन पहुंचते हैं. ऐसे धार्मिक अवसर पर आयोजित यह प्रदर्शनी जनजागरण का प्रभावी माध्यम बनी है. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है और हिंदू पक्ष ऐतिहासिक दस्तावेजों, अभिलेखों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रख रहा है.

उन्होंने कहा कि यह पूरा अभियान पूरी तरह संविधान और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में चलाया जा रहा है. उनका कहना था कि उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि लोगों तक ऐतिहासिक तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों की जानकारी पहुंचाना है. उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जनजागरण अभियान से जुड़ें.

आश्रम के संस्थापक स्वामी रविन्द्रानंद महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का इतिहास प्रत्येक सनातनी तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित सामग्री विभिन्न ऐतिहासिक पुस्तकों और प्रमाणिक स्रोतों से संकलित की गई है. उन्होंने श्रद्धालुओं से इतिहास को जानने, समझने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया.

प्रदर्शनी स्थल पर श्रद्धालुओं को पंपलेट भी वितरित किए गए. इनमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि का संक्षिप्त इतिहास, न्यायालय में लंबित वाद की जानकारी और जनजागरण अभियान के उद्देश्य का उल्लेख किया गया था. परिक्रमा मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचे और विषय से जुड़े तथ्यों को विस्तार से जाना.

आयोजन को सफल बनाने में आश्रम के भक्त सुनील सिंह, निर्मला सिंह, सोनिया, सुनीता, शिखा सिंह, शिवम कुमार, विशाल सिंह, कान्हा, रवि कुमार, मोनू चौधरी, दिलीप चौधरी और धर्म सिंह सहित अन्य सहयोगियों ने प्रदर्शनी संचालन, पंपलेट वितरण और श्रद्धालुओं को जानकारी उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाई. मुडिया पूर्णिमा मेले की धार्मिक आस्था के बीच आयोजित यह प्रदर्शनी पूरे दिन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही. आयोजनकर्ताओं का कहना है कि इस पहल के जरिए बड़ी संख्या में परिक्रमार्थियों तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और न्यायालय में लंबित मामले की जानकारी पहुंचाई गई.



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