परी चौक के जाम का निकल गया परफेक्ट जुगाड़, खाली जमीन बदल सकती है शहर की तस्वीर
ग्रेटर नोएडा: शहर की पहचान माने जाने वाले परी चौक पर बढ़ता ट्रैफिक दबाव और आए दिन लगने वाला जाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है. परी चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास इलेक्ट्रिक बसों के रुकने से भी यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है. ऐसे में स्थानीय निवासियों ने जाम की समस्या से निपटने के लिए मेट्रो स्टेशन के पास खाली पड़ी जमीन को इलेक्ट्रिक बसों के लिए निर्धारित स्टॉप के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है.
स्थानीय प्रोफेसर आरबी सिंह नें बताया कि जब भी ग्रेटर नोएडा की बात होती है तो सबसे पहले परी चौक का नाम सामने आता है. यह शहर का बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त स्थान है. यहां से अलग-अलग शहरों के लिए बस और अन्य यात्री वाहन मिलते हैं. ऐसे में लगातार बढ़ता ट्रैफिक दबाव चिंता का विषय है. उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के लिए अलग स्थान निर्धारित कर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
बस स्टॉप या बस-बे बनाया जा सकता है
उन्होंने बताया कि परी चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के बगल में करीब 200 मीटर की दूरी पर एक खाली जमीन पड़ी हुई है. फिलहाल इस जगह पर पौधे और झाड़ियां उगी हुई हैं, गंदगी फैली है और बारिश के दौरान पानी भी भर जाता है. यदि जमीन को मिट्टी डालकर समतल कर दिया जाए और यहां इलेक्ट्रिक बसों के रुकने के लिए व्यवस्थित बस स्टॉप या बस बे बनाया जाए तो यात्रियों को काफी सुविधा मिल सकती है.
ट्रैफिक दबाव कम हो जाता है
आरबी सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इलेक्ट्रिक बसें मुख्य सड़क पर खड़े होने के बजाय निर्धारित स्थान पर रुक सकेंगी. यात्री भी सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बस का इंतजार कर सकेंगे. इससे सड़क पर बसों के कारण होने वाला अतिरिक्त ट्रैफिक दबाव कम किया जा सकता है.
बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा
उन्होंने कहा कि इस जगह पर पहले से बड़ी-बड़ी लाइटें लगी हुई हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल प्रभावी तरीके से नहीं हो रहा है. यदि यहां इलेक्ट्रिक बस स्टॉप विकसित किया जाता है तो पहले से मौजूद इन सुविधाओं का भी बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे एक ओर खाली पड़ी जमीन का उपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर गंदगी और जलभराव की समस्या भी दूर हो सकती है.
लोकल लोगों का क्या कहना है
स्थानीय निवासी रितेश राय नें बताया कि उनका कार्यालय परी चौक पर ही है और वह पिछले करीब 25 वर्षों से इस क्षेत्र को लगातार देखते आ रहे हैं. उनके अनुसार, परी चौक से आगरा, लखनऊ समेत कई शहरों के लिए बस और अन्य यात्री वाहन मिलते हैं. रात के समय भी यहां से दूसरे शहरों के लिए बसें और गाड़ियां उपलब्ध रहती हैं. यही वजह है कि यह स्थान परिवहन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि अगर मेट्रो स्टेशन के पास खाली पड़ी जमीन को यात्री सुविधा के लिए विकसित किया जाए तो लोगों को बस पकड़ने के लिए मुख्य सड़क पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इससे यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी.
खुले स्थान पर हादसे का खतरा
स्थानीय निवासी रितेश राय ने भी इस समस्या को गंभीर बताते हुए अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि परी चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 के आसपास भी खाली स्थान पर पानी भरा हुआ है. लोग इसी रास्ते से होकर निकलते हैं. जमीन का खुला और असुरक्षित होना भविष्य में हादसे का कारण बन सकता है.
कहा कि जब इतनी महत्वपूर्ण जगह शहर के बीचों-बीच मौजूद है तो इसे खाली छोड़ने के बजाय जन-सुविधा के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए. यदि यहां इलेक्ट्रिक बसों के लिए निर्धारित स्थान बनाया जाता है तो लोगों को सुविधा मिलेगी और जगह की बर्बादी भी नहीं होगी.
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. उनका मानना है कि सही योजना के तहत इस जमीन को विकसित किया जाए तो इससे परी चौक की यातायात व्यवस्था के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा में भी सुधार होगा.
एक्सपो मार्ट के ट्रैफिक का दबाव भी हो सकता है कम
कहा कि परी चौक और आसपास के क्षेत्र में एक्सपो मार्ट के आयोजनों के दौरान ट्रैफिक का दबाव और बढ़ जाता है. यदि इलेक्ट्रिक बसों के लिए अलग स्टॉप बना दिया जाए तो मुख्य मार्ग पर बसों के रुकने से होने वाली परेशानी को कम किया जा सकता है. इससे एक्सपो मार्ट की ओर जाने वाले ट्रैफिक पर भी कुछ हद तक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई बड़ा या जटिल समाधान नहीं है. खाली जमीन को समतल कर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने और इलेक्ट्रिक बसों के लिए निर्धारित स्थान बनाने की जरूरत है. इससे यात्रियों को सुरक्षित जगह मिलेगी, गंदगी और जलभराव की समस्या दूर होगी और परी चौक पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.