पेट्रोल से भी महंगे बिक रहे फूल, जानिए गहमर गांव की अनोखी कहानी!
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Pitru Paksha : पितृपक्ष में गहमर का फूल बाजार चमक उठा गेंदा-गुलाब के दाम दोगुने, श्रद्धालु आस्था में झुके, और विक्रेता कमाई में मस्त। क्या आपके यहां भी फूल इतने महंगे हो गए हैं?
सामान्य दिनों में गेंदा फूल 40-50 रुपये किलो बिकते थे, लेकिन पितृपक्ष में इनकी कीमत 100-120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. वहीं गुलाब के फूल थोक बाजार में 600 रुपये प्रति किलो तक महंगे हो गए हैं. गुलाब की माला, जो पहले 10 रुपये की मिलती थी, अब 20 रुपये तक बिक रही है. फूलों की कम उपज और अधिक खरीदार होने के कारण दाम आसमान छू रहे हैं.
गहमर के फूल विक्रेता रवि, जो पिछले 20 साल से इस धंधे में हैं, बताते हैं कि इस सीजन में फूल महंगे इसलिए हैं क्योंकि गहमर में फूलों की खेती नहीं होती, सब बाहर से आते हैं. गाजीपुर शहर में फूल थोड़े सस्ते मिलते हैं क्योंकि वहां राजस्थान, कोलकाता और बनारस से थोक में आते हैं. रवि कहते हैं कि पितृपक्ष में खासकर गुलाब, बेला और चांदनी जैसे फूलों की मांग ज्यादा होती है. आज का मंडी 150 रुपया बिका है , फूल कम खिलता है तो डिमांड बढ़ेगी तो दम बढ़ेगा.
फूलों की बढ़ी कीमत से विक्रेता भले खुश हैं, लेकिन खरीदारों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है.
इस तरह गहमर में पितृपक्ष के अवसर पर फूलों के बाजार में रौनक है, दाम ऊँचे हैं, और विक्रेता उत्साहित हैं—जिससे स्थानीय व्यापार को सीधे लाभ पहुंचा है.
पितृपक्ष में लोगों का विश्वास है कि पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करना आवश्यक है. इस दौरान धार्मिक विधियों में फूलों का इस्तेमाल विशेष रूप से किया जाता है.