बरेली छावनी में विकास कार्य तेज, ओपन थिएटर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार, छात्रों को मिले

0
बरेली छावनी में विकास कार्य तेज, ओपन थिएटर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार, छात्रों को मिले


Last Updated:

बरेली छावनी परिषद में शिक्षा, पर्यावरण और पर्यटन को लेकर कई विकास कार्य किए जा रहे हैं. रोबोटिक और ड्रोन लैब की स्थापना, सोलर पैनल, चौराहों का सौंदर्यीकरण और ओपन थिएटर का प्रस्ताव प्रमुख पहल हैं. साथ ही जन विश्वास संशोधन के तहत छोटे उल्लंघनों पर अब फौजदारी कार्रवाई के बजाय केवल आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है.

बरेली. ये शहर तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसी क्रम में बरेली छावनी परिषद में भी हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण बदलाव और विकास कार्य देखने को मिले हैं. छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि परिषद द्वारा पब्लिक वेलफेयर, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए रोबोटिक लैब और ड्रोन लैब की स्थापना की गई है. इन लैब्स में छात्रों को न केवल ड्रोन बनाना सिखाया जाता है, बल्कि उन्हें उड़ाने और उसके तकनीकी उपयोग की भी जानकारी दी जाती है, जिससे छात्रों का झुकाव नई तकनीकों की ओर बढ़ रहा है. पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा मिल रहा है. शहर के प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके चलते वे अब अधिक व्यवस्थित और आकर्षक नजर आते हैं, खासकर रात के समय इनकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है.

ओपन थिएटर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार

धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के तहत डोपेश्वर नाथ मंदिर को विकसित किया गया है, जो नाथ कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके साथ ही छावनी परिषद द्वारा बाहरी क्षेत्रों में आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं. पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिषद ने पर्यटन विभाग के साथ मिलकर एक ओपन थिएटर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों को मंच मिल सकेगा. इसके अतिरिक्त, एक महत्वपूर्ण कैंटोनमेंट बिल भी पारित किया गया है, जिस पर भारतीय संसद में चर्चा की जा रही है. यह बिल “जन विश्वास” की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

जन विश्वास प्रावधानों का संशोधन विधेयक, 2026 भारत सरकार ने हाल ही में जन जिसका छावनी अधिनियम, 2006 हालांकि यह एक केंद्रीय कानून है. लेकिन डॉ. तनु जैन के निर्देशन में बरेली छावनी परिषद इसे स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कर रही है. छावनी क्षेत्रों में होने वाले छोटे-मोटे उल्लंघन या तकनीकी गलतियों को अपराध की श्रेणी से हटाकर नागरिक प्रवर्तन के दायरे में लाना है. इससे मिलने वाले लाभ इस संशोधन और परिषद द्वारा उठाए गए कदमों से आम नागरिकों को छोटे नागरिक नियमों के उल्लंघन जैसे स्वच्छता, सडक या निर्माण से जुड़ी छोटी गलतियाँ के लिए अब फौजदारी मुकदमा या जेल जाने जैसी सजा का डर खत्म हो गया है इसके बजाय अब केवल आर्थिक दंड या नागरिक प्रवर्तन ही होगा.

About the Author

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *