बेहद रहस्यमयी है यूपी का यह किला, यहां हुई थी चंद्रकांता की शूटिंग, तस्वीरों से देखें इसकी भव्यता
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Mirzapur News: चंद्रकांता उपन्यास पर आधारित धारावाहिक की शूटिंग चुनार किले में हुई, जिससे किले को नई पहचान मिली. इसमें राजकुमारी चंद्रकांता और राजकुमार वीरेंद्र सिंह का प्रेम दिखाया गया है.
वाराणसी के रहने वाले मशहूर कवि बाबू नंदन खत्री के चंद्रकांता उपन्यास पर बनी धारावाहिक चंद्रकांता की शूटिंग चुनार किले में हुई थी. मुगलों, अफगानों व अंग्रेजों के बाद राज के बाद किले को इसी धारावाहिक से पहचान मिली और बच्चों के जुबान पर चुनार किला (चुनारगढ़) चलने लगा.

प्रसिद्ध धारावाहिक दो राज्य के राजाओं पर बनाया गया था. नोगढ़ और विजयगढ़ दो दुश्मन राज्य हुआ करते थे. ऐसे में विजयगढ़ की राजकुमारी चंद्रकांता से नोगढ़ के राजकुमार वीरेंद्र सिंह को गहरा प्यार हो जाता है. हालांकि, दुश्मनी की वजह से उनका मिलना नामुमकिन रहता है.

कहानी के अनुसार विजयगढ़ के दरबार का सदस्य क्रूर सिंह खुद चंद्रकांता से शादी करके राज्य पर कब्जा करना चाह रहा था. अपने मंसूबे में फेल होने के बाद क्रूर सिंह राज्य छोड़कर फरार हो जाता है और चुनारगढ़ के राजा शिवदत्त से मित्रता कर लेता है.

चुनारगढ़ यानि चुनार के किले की एंट्री यहीं से होती है. चुनारगढ़ के राजा शिवदत्त क्रूर सिंह के कहने पर महारानी चंद्रकांता का अपहरण कर लेते हैं और चुनार किले में लाकर कैद कर देते हैं.

राजकुमारी चंद्रकांता के लिए नोगढ़ के राजा वीरेंद्र सिंह चुनारगढ़ के राजा के साथ युद्व करते हैं. इस भाग की शूटिंग चुनार के किले पर की गई है. दूरदर्शन पर उपन्यास से प्रेरित धारावाहिक चंद्रकाता का पहला एपिसोड 4 मार्च 1994 और अंतिम अप्रैल 1996 में प्रसारित हुआ था.

50 से अधिक एपिसोड की शूटिंग चुनार व सोनभद्र के किले में की गई है. इसी धारावाहिक के बाद चुनार का किला एक बार फिर से जीवित हुआ और पर्यटकों की संख्या बढ़ी. आज भी इसे लोग चंद्रकाता का चुनारगढ़ किला मानते हैं. इसे ज्यादा ख्याति वर्तमान में मिली है.