भगवान राम के बेटे कुश ने बसाया सुल्तानपुर जिला, चीनी यात्री ह्वेनसांग का है खास नाता
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सुलतानपुर शहर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर है, जो गोमती नदी के दाहिने किनारे पर बसा हुआ है. यह फैजाबाद (अब अयोध्या) से लगभग 61 किलोमीटर दक्षिण, प्रतापगढ़ से 42 किलोमीटर उत्तर और लखनऊ से करीब 138 किलोमीटर दूर स्थित है. यह शहर रेलवे और सड़कों के जरिए कई बड़े शहरों जैसे लखनऊ, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली और फैजाबाद से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा सुलतानपुर सड़क मार्ग से गौरीगंज (अमेठी) से भी जुड़ा है.
सुल्तानपुर: जिला ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण जिला रहा है क्योंकि आजादी के समय भी सुल्तानपुर की भौगोलिक संरचना कुछ ऐसी थी कि यहां से कई ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई. आजादी से जुड़े कई ऐसे भौगोलिक स्थल हैं जो आजादी की दास्तान को सुनने का काम करते हैं. ऐसे में आज हम जानेंगे कि आखिर 1947 के बाद सुल्तानपुर के भौगोलिक स्थिति में किस तरह परिवर्तन हुआ और वर्तमान में सुल्तानपुर में कितने ब्लॉक हैं और कितनी तहसीलें हैं.
गोमती के किनारे बसा है शहर
सुल्तानपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि सुलतानपुर शहर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर है, जो गोमती नदी के दाहिने किनारे पर बसा हुआ है. यह फैजाबाद (अब अयोध्या) से लगभग 61 किलोमीटर दक्षिण, प्रतापगढ़ से 42 किलोमीटर उत्तर और लखनऊ से करीब 138 किलोमीटर दूर स्थित है. यह शहर रेलवे और सड़कों के जरिए कई बड़े शहरों जैसे लखनऊ, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली और फैजाबाद से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा सुलतानपुर सड़क मार्ग से गौरीगंज (अमेठी) से भी जुड़ा है.
पहले सुल्तानपुर शहर गोमती नदी के बाएं किनारे पर बसा हुआ था. माना जाता है कि भगवान राम के बेटे कुश ने इस शहर को बसाया था, इसलिए इसका नाम कुशपुर या कुशभवनपुर पड़ा. चीनी के यात्री ह्वेनसांग ने भी अपने यात्रा विवरण में इस जगह का जिक्र किया है. कहा जाता है कि लगभग 750 साल पहले सईद मुहम्मद और सईद अल-उद-दीन नाम के दो भाई यहां घोड़े बेचने आए थे. लेकिन भर शासकों ने उनके घोड़े छीन लिए और दोनों भाइयों की हत्या कर दी. जब यह बात अलाउद्दीन खिलजी को पता चली, तो उन्होंने बड़ी सेना के साथ हमला किया और भर शासकों को हराकर यहां सुलतानपुर शहर बसाया.
अंग्रेजों के समय में हुआ परिवर्तन
बाद में गोमती नदी के दाहिने किनारे पर एक गांव में सेना की छावनी बनाई गई, जिसे गिरघिट कहा जाता था. अंग्रेज अधिकारी इसे सुलतानपुर या छावनी कहते थे, जबकि गांव के लोग इसे कैंप या शिविर कहते थे. धीरे-धीरे इसी जगह पर आज का सुलतानपुर शहर विकसित हुआ. वर्तमान में सुल्तानपुर में कुल पांच तहसीलें हैं और 14 ब्लॉक हैं. सुल्तानपुर जनपद की भौगोलिक सीमा में कई बार परिवर्तन भी हुआ आजादी के बाद से भी कई हिस्से पड़ोसी जनपद में शामिल हुए और कुछ हिस्से सुल्तानपुर में भी शामिल किए गए साल 2010 में सुल्तानपुर से अलग होकर अमेठी एक नया जिला बनाया गया उसके अलावा सुल्तानपुर जनपद में फैजाबाद के कुछ हिस्सों को काटकर शामिल किया गया इस तरह आजादी के बाद से सुल्तानपुर में कई भौगोलिक परिवर्तन किए गए.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें