मिर्जापुर में फिर से गंगा का रौद्र रूप…जलमग्न हुए घाट, लोगों में मचा हड़कंप, प्रशासन अलर्ट
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Mirzapur Ground Report : मिर्जापुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं, 250 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं. लोग डरे हुए हैं और फसलें नष्ट होने का खतरा है.
मिर्जापुर जिले में सुबह गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था. दोपहर में जलस्तर 8 सेंटीमीटर और शाम में जलस्तर 7 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है. जिले में गंगा का वर्तमान में जलस्तर 75.710 मीटर है. वार्निंग लेवल 76.724 और खतरे का निशान 77.724 मीटर है. तेजी के साथ जलस्तर बढ़ने के बाद घाटों की सीढियां डूब गई हैं. नांवों का संचालन रोक दिया गया है. एहतियात के तौर पर कोन, मझवां व सीखड़ ब्लॉक में आलाधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं. गंगा का पानी अभी भी घटने की उम्मीद नहीं है.
पक्काघाट पर पहुंचे राजेश मिश्रा ने लोकल 18 से बताया कि मुझे घाट पर आए एक घंटे हुए हैं और अबतक दो सीढियां डूब गई हैं. इस बार सबसे ज्यादा रौद्र रूप दिख रहा है. इससे पहले भी गंगा बढ़ती थी. हालांकि, उसकी रफ्तार कम होती थी. इस बार पानी बढ़ने की रफ्तार तेजी के साथ बढ़ रही है. ऐसा लग रहा है कि रातभर में पूरी सीढियाँ डूब जाएंगी. राजा ने बताया कि सोमवार को पानी काफी नीचे था, लेकिन अभी पानी काफी ऊपर आ गया है. इसे देखकर लग रहा है कि जल्द ही पानी तटवर्तीय इलाकों में घुसना शुरू हो जाएगा.
पक्काघाट पर पूजन-अर्चन कराने वाले पं. महेश द्विवेदी ने बताया कि पहली बार गंगा का ऐसा रूप दिख रहा है. चौथी बार जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इससे पहले एक साल में इतनी बार गंगा का पानी बढ़ रहा है. यह शुभ संकेत नहीं है. गंगा इस बार रौद्र रूप में है. अगर पानी कम नहीं हुआ तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं. तटवर्तीय इलाकों में फसलें ज्यादा प्रभावित होंगी.
कुछ दिनों पहले आई बाढ़ से गंगा के 250 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए थे. कोन, मझवां, छानबे, सीखड़ और नारायनपुर ब्लॉक के गांवो में काफी संख्या में लोगों ने घरों को छोड़ दिया था. सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हुई थी. एक बार फिर पानी बढ़ते हुए देखकर तटवर्तीय इलाकों के लोग चिंतित हो गए हैं और डर के साये में जी रहे हैं.