मुसलमान, दलित और यादव.. रामगोपाल के बयान से क्यों मचा बवाल? समझें पूरा विवाद

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मुसलमान, दलित और यादव.. रामगोपाल  के बयान से क्यों मचा बवाल? समझें पूरा विवाद


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Ramgopal Yadav Controversy: रामगोपाल यादव की जातिगत टिप्पणियों पर सियासी तूफान मचा है. बीजेपी और बसपा ने इसे सेना और दलित समुदाय का अपमान बताया है. हिंदू संगठनों ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. य…और पढ़ें

UP Politics: सपा नेता रामगोपाल यादव के बयान पर मचा बवाल (फाइल फोटो)

हाइलाइट्स

  • रामगोपाल यादव की जातिगत टिप्पणियों पर विवाद
  • बीजेपी और बसपा ने सेना का अपमान बताया
  • हिंदू संगठनों ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की

लखनऊ. समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में शामिल विंग कमांडर व्योमिका सिंह और एयर मार्शल एके भारती पर की गई जातिगत टिप्पणियों ने देश में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. 15 मई को बिलारी तहसील में एक कार्यक्रम के दौरान यादव ने व्योमिका सिंह को “हरियाणा की चमार (जाटव)” और एके भारती को “पूर्णिया के यादव” कहकर संबोधित किया.

इस बयान के बाद रामगोपाल यादव बीजेपी बसपा के निशाने पर आ गए हैं. इतना ही नहीं रामगोपाल यादव के बयान को भारतीय सेना और दलित समुदाय का अपमान मानते हुए हिंदू संगठनों ने थाना सिविल लाइंस में तहरीर देकर देशद्रोह और SC/ST अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.

क्या था रामगोपाल यादव का बयान?

बिलारी में सपा विधायक हाजी फहीम इरफान के आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में यादव ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे से जोड़ा. उन्होंने कहा, ” विंग कमांडर व्योमिका सिंह हरियाणा की चमार (जाटव) जाति से हैं.” हालांकि, पहले गलती से उन्होंने व्योमिका सिंह को “दिव्या सिंह” कहकर संबोधित किया, फिर सॉरी बोलकर नाम ठीक किया. इतना ही नहीं रामगोपाल यादव ने एयर मार्शल एके भारती को बिहार के पूर्णिया का यादव बताया. रामगोपाल यादव ने कर्नल सोफिया कुरैशी का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह ने उनकी मुस्लिम पहचान के कारण “गाली” दी, लेकिन व्योमिका सिंह को “राजपूत समझकर” कुछ नहीं कहा गया. “यह युद्ध एक मुसलमान, एक दलित, और एक यादव ने लड़ा. भाजपा किस आधार पर इसका श्रेय ले रही है?” यादव ने ऑपरेशन सिंदूर को “पीडीए की जीत” करार दिया और भाजपा पर तिरंगा यात्रा के जरिए इसका राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाक मध्यस्थता वाले बयान को भी “भारत की इज्जत मिट्टी में मिलाने” वाला बताया.

क्यों मचा बवाल?

दरअसल, भारतीय सेना को लेकर जातिगत टिप्पणी की वजह से रामगोपाल यादव अब निशाने पर हैं. बीजेपी और बसपा विंग कमांडर व्योमिका और एयर मार्शल एके भारती की जाति को उजागर करना सेना की गरिमा और राष्ट्रीय एकता का अपमान बता रही हैं. दरअसल, रामगोपाल यादव के बयान को सपा की “जातिवादी राजनीति” और सेना के पराक्रम का राजनीतिकरण करने की कोशिश माना जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सेना की वर्दी को ‘जातिवादी चश्मे’ से नहीं देखा जाता. सपा की यह मानसिकता राष्ट्रभक्ति को बांटने का दुस्साहस है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि “सेना को धर्म व जाति के आधार पर बांटना घोर अनुचित, शर्मनाक और निंदनीय है. भाजपा के मंत्री और सपा नेता दोनों ने यह गलती की. सेना का हर जवान राष्ट्र के लिए बलिदान देता है.”

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

Principal Correspondent, Lucknow

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