यूपी में यहां होती है 100% शुद्ध अरहल दाल, जानें कैसे करें पहचान
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Sonbhadra Arhar Dal: सोनभद्र की अरहर की दाल शत प्रतिशत शुद्ध और रसायन मुक्त होती है. यहां की दाल प्राकृतिक रूप से उगाई जाती है और इसका स्वाद व पौष्टिकता अन्य स्थानों की दाल से बेहतर है.
Sonbhadra Arhar Dal
हाइलाइट्स
- सोनभद्र की अरहर की दाल शुद्ध और रसायन मुक्त होती है.
- यह दाल पूर्वांचल के कई जिलों और लखनऊ तक जाती है.
- सोनभद्र की दाल का स्वाद और पौष्टिकता बेहतर होती है.
Sonbhadra Arhar Dal: सोनभद्र जनपद में बनी अरहर की दाल आपको शत प्रतिशत शुद्धता की गारंटी देती है. आजकल लोग फिर से पुराने तरीकों और रसायन मुक्त आहार को महत्व दे रहे हैं. दैनिक भोजन में अरहर की दाल का खास महत्व है. सोनभद्र में उगाई गई अरहर की दाल पूरी तरह से शुद्ध और रसायन मुक्त होती है क्योंकि यहां इसकी खेती बड़े पैमाने पर होती है और रसायन खाद का उपयोग नहीं किया जाता है.
अरहर की खेती होती
सोनभद्र का ज्यादातर भूभाग पठारी है, इसलिए यहां अरहर की खेती बहुत होती है. किसान खेत की दो-तीन बार जुताई करके बीज बोते हैं, और आमतौर पर सिंचाई की जरूरत नहीं होती. यह फसल पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर होती है.
ये दाल कई जिलों तक जाती है
सोनभद्र की दाल पूर्वांचल के कई जिलों और लखनऊ तक जाती है. लोग अपने खान-पान में नियमित रूप से अरहर की दाल का उपयोग करते हैं क्योंकि यह पौष्टिक और स्वादिष्ट होती है.
बाजार में मिलावटी दाल भी बिकती
अगर आप बिना रसायन खाद के शुद्ध अरहर की दाल चाहते हैं, तो सोनभद्र में यह आसानी से उपलब्ध है. सोनभद्र के वरिष्ठ व्यवसाई संजय जैन के अनुसार, यहां की अरहर की दाल 100 प्रतिशत शुद्ध होती है, लेकिन बाजार में मिलावटी दाल भी बिकती है. आप शुद्ध दाल अपने घर पर बनवा सकते हैं या किसी छोटी मिल से ले सकते हैं. खासकर मई और जून के महीनों में मिल पर भी यह दाल सहजता से उपलब्ध होती है. यहां की दाल का स्वाद और पौष्टिकता अन्य स्थानों की तुलना में बेहतर होती है.