रिटायरमेंट के बाद शुरू किया यह काम, कर दिया कमाल, आज बंपर हो रही कमाई, दूसरों को दे रहे रोजगार
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Success Story: कन्नौज के रहने वाले शिवपाल सिंह ने कृषि के क्षेत्र में कमाल कर दिया. रिटायरमेंट होने के बाद उन्होंने खेती किसान की ओर रूख मोड़ा, आज वह बंपर कमाई कर रहे हैं और दूसरों को रोजगार दे रहे हैं.
हाइलाइट्स
- शिवपाल सिंह रिटायरमेंट के बाद खेती किसानी से चमका रहे किस्मत.
- वह खेती कर कई प्रोडक्ट बना रहे हैं.
- जिससे वह कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं.
अंजली शर्मा/कन्नौज. कन्नौज के रहने वाले शिवपाल सिंह आज उन सभी किसानों के लिए मिसाल बने हैं, जो अभी भी संघर्ष कर रहे हैं. शिवपाल सिंह ने रिटायरमेंट के बाद घर पर बैठने से बेहतर कुछ कर गुजर जाने की ठानी, अपने जीवन काल का एक बड़ा हिस्सा उन्होंने सरकारी सेवा में दिया. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपने इस हुनर को बरकरार रखा और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में आगे बढ़े. शिवपाल सिंह ने एग्रीकल्चर से ही पढ़ाई की और एग्रीकल्चर से ही संबंधित नौकरी में गए. अब शिवपाल सिंह अपने छोटे से फार्म हाउस पर तमाम तरीके की खेती करते हैं. वहीं शिवपाल सिंह और भी तमाम तरीके के काम करते हैं, जिससे उनको एक अच्छी इनकम होती है. साथ ही वह कुछ ऐसे प्रोडक्ट बना रहे हैं, जो आज के समय में लोगों के लिए बहुत ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक भी साबित है. शिवपाल सिंह ने अपने ही फार्म हाउस के पास में एक छोटी सी यूनिट लगा रखी है, जिसमें बहुत सारी सब्जियों को सुखाकर उनका पेस्ट बनाकर किसी भी मौसम में प्रयोग किए जाने लायक बनाया जा रहा है. शिवपाल सिंह ने एक आम पन्ना पाउडर बनाया है, जो लोगों को बहुत पसंद आता है, ऐसे ही उन्होंने मोटे अनाज का आटा तैयार किया है. शिवपाल सिंह अब रिटायरमेंट के बाद खुद के साथ-साथ बहुत सारे लोगों को रोजगार दे रहे हैं और एक अच्छी इनकम खुद भी कर रहे हैं.
कहां के हैं रहने वाले? कैसे की शुरुआत?
शिवपाल सिंह कन्नौज जिले के कन्नौज तिर्वा मार्ग पर स्थित नसरापुर पट्टी गांव के रहने वाले हैं. शिवपाल सिंह ने एग्रीकल्चर की पढ़ाई की. जिसके बाद केंद्र सरकार में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में वह तैनात हुए. उन्होंने अपनी सर्विस का अधिकांश भाग बाहर ही बिताया, जिसमें एक लंबा समय उन्होंने हैदराबाद में बिताया. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अन्य किसानों के लिए एक मुहिम सी चला रखी है. वह अपने यहां एक बड़े से फार्म हाउस में बहुत प्रकार की सब्जी फल और औषधीय जड़ी बूटियां लगाते हैं और किसानों को वह इसके बारे में बताते भी हैं, कन्नौज का किसान आलू और मक्का की फसल बड़े पैमाने पर करता है. कभी-कभी यही फसल उसको नुकसान देह साबित हो जाती है, क्योंकि मौसम की मार और तमाम तरीके की परेशानी किसानों की समस्या हमेशा बढ़ाती रहती है, ऐसे में किसान शिवपाल सिंह उन किसानों को बताते हैं कि हमेशा ही सपोर्ट में एक ऐसी फसल लेकर चलें, जिससे उनको किसी फसल में नुकसान हुआ हो तो वह अपनी दूसरी फसल से उस नुकसान की भरपाई खुद कर सके.
क्या बोले शिवपाल सिंह
शिवपाल सिंह बताते हैं कि कन्नौज में किसान आज जानकारी न होने के चलते काफी पीछे होते जा रहे हैं. मैंने टायरमेंट के बाद अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए अपने पूरे एक्सपीरियंस को इस काम में लगा दिया और आज मैं लगातार आगे बढ़ रहा हूं. कल में एक जगह नौकरी करता था. आज मैं लोगों को नौकरी देने के लायक बन गया हूं. सरकार की तमाम तरीके की योजनाएं आती हैं, जिनका सहारा लेकर मैंने यह एक छोटी सी फार्म तैयार की है, जिसमें मैं कई तरीके के फूड तैयार करता हूं. वहीं किसानों को भी अपने यहां बुलाकर उनको इस बारे में जागरूक करता रहता हूं, ताकि किसान अपनी आय खुद बढ़ा सके.